सुनील पाठक , गोरखपुर
गोरखपुर : 24 / सितम्बर / 2026 : आमजन की शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के साथ समाज के सभी वर्गों से बेहतर संवाद और सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गोरखपुर पुलिस की ओर से भारतीय सांकेतिक भाषा (इंडियन साइन लैंग्वेज) पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
पुलिस लाइन गोरखपुर में आयोजित कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों से संवाद करने के लिए सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला का आयोजन 23 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर किया गया। ऑल उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ द डेफ के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने पुलिसकर्मियों को भारतीय सांकेतिक भाषा की मूलभूत जानकारी देने के साथ उसके व्यावहारिक प्रयोग का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से बातचीत करने की विभिन्न मूलभूत विधियों से अवगत कराया गया।
कार्यशाला में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन की उपस्थिति में प्रतिसार निरीक्षक सहित विभिन्न थानों के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान विशेष आवश्यकता वाले लोगों की बात को समझने, उनसे प्रभावी संवाद स्थापित करने और पुलिस सहायता उपलब्ध कराने में सांकेतिक भाषा के महत्व पर जानकारी दी गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण से पुलिस और विशेष आवश्यकता वाले नागरिकों के बीच संवाद की बाधाएं कम करने में मदद मिलेगी। कार्यशाला का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को अधिक संवेदनशील, समावेशी और प्रभावी पुलिसिंग के लिए तैयार करना है।
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Author: krjnews
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