गाजियाबाद : 6 / नवंबर / 2026 : ग्राम कनावनी में इंदिरापुरम विस्तार योजना के तहत भूमि अधिग्रहण को लेकर चल रहा विवाद अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। उच्च न्यायालय ने 5 नवंबर 2026 को प्राधिकरण की ओर से अधिग्रहण का अवार्ड पारित करने की समय-सीमा बढ़ाने के लिए दायर अपील को खारिज कर दिया।
न्यायालय के इस फैसले के बाद इंदिरापुरम विस्तार योजना के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, कनावनी के किसानों ने इसे अपने लंबे संघर्ष की महत्वपूर्ण जीत बताया है। शुक्रवार, 6 नवंबर को ग्राम कनावनी में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार 85वें दिन भी जारी रहा।

किसानों का कहना है कि प्राधिकरण जिस भूमि का अधिग्रहण इंदिरापुरम विस्तार योजना के लिए करना चाहता था, उससे संबंधित मामले में समय-सीमा बढ़ाने की अपील खारिज होने के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया समाप्त हो गई है।
ऐसे में प्राधिकरण को न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए किसानों को राहत प्रदान करनी चाहिए। किसानों ने कहा कि न्यायालय के फैसले से उनके अधिकारों को मजबूती मिली है। अब प्राधिकरण को अधिग्रहण के नाम पर किसानों को परेशान करने के बजाय कानूनी आदेश का सम्मान करना चाहिए।
किसानों ने यह भी मांग उठाई कि राजस्व अभिलेखों में उनके नाम दोबारा दर्ज कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें अपनी भूमि के अधिकारों को लेकर किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। किसान कैलाश नागर और लखीराम शर्मा ने कहा कि कनावनी के किसान पिछले 85 दिनों से अपने अधिकारों की रक्षा और न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।
किसानों को न्यायालय से काफी उम्मीदें थीं और 5 नवंबर का फैसला उनके आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की जिम्मेदारी है कि वह न्यायालय के आदेश का पालन करे और किसानों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करे।
किसानों ने साफ किया कि न्यायालय के फैसले के बावजूद उनका आंदोलन तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक भूमि और राजस्व अभिलेखों से जुड़ी सभी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो जाता। धरना स्थल पर चतर सिंह नागर, भगवत नागर, कबूल सिंह नागर, विनोद नागर, बाबू नागर, धर्म सिंह, धनेश्वर शर्मा, परवीन नागर, अशोक कसाना सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
![]()
Author: krjnews
KRJ News एक विश्वसनीय हिंदी डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जिसका उद्देश्य पाठकों तक तेज़, निष्पक्ष और तथ्यपरक समाचार पहुँचाना है।









