गाजियाबाद : 5 / नवंबर / 2026 : कनावनी गांव में भूमि अधिग्रहण के विरोध और अपने जमीन संबंधी अधिकारों की रक्षा के लिए किसानों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार जारी है। गुरुवार को आंदोलन के 84वें दिन उच्च न्यायालय द्वारा जीडीए की समय-सीमा बढ़ाने संबंधी अर्जी खारिज किए जाने की खबर से धरना स्थल पर किसानों में नई उम्मीद दिखाई दी।

किसानों ने इसे अपनी लंबी कानूनी लड़ाई में महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया। धरने को संबोधित करते हुए अशोक कसाना और परवीन नागर ने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण ढंग से संघर्ष कर रहे हैं।
उनका कहना था कि जीडीए की ओर से अवार्ड घोषित करने की समय-सीमा बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन उच्च न्यायालय ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। किसानों ने कहा कि अब न्यायालय के आदेश के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि उनके भूमि संबंधी अधिकारों को राजस्व अभिलेखों में सुरक्षित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन उनके परिवारों की आजीविका, पहचान और भविष्य का आधार है। ऐसे में किसी भी कार्रवाई में उनके वैधानिक अधिकारों और हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
किसानों ने दोहराया कि उनका आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए है। जब तक उनकी मांगों का उचित समाधान नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। आंदोलन में लिखीराम शर्मा, चतर सिंह नागर, मथन सिंह नागर, श्रीचन्द नागर, विनोद नागर और धनेश्वर शर्मा सहित अन्य किसान शामिल रहे।
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Author: krjnews
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