बुलंदशहर 12 / सितम्बर / 2025 : बुलंदशहर स्थित बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव परतापुर में गत आठ सितंबर की रात को हुई ओमपाल की मौत मामले में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जिस दिन ओमपाल की हत्या हुई उस दिन उसकी 12 वर्षीय भतीजी ने सबकुछ अपनी आंखों से देखा था। परिजनों को भतीजी ने बताया कि देर रात में जब उसकी आंख खुलीं तो देखा कि उसकी चाची प्रीति ने चाचा ओमपाल के हाथ पकड़े हुए थे और ताऊ के बेटे अभय (जो खुद ओमपाल का ही सगा भतीजा है) ने चाचा का चुन्नी से गला दबाकर हत्या कर दी थी। दोनों को लगा था कि बच्ची सो रही है, लेकिन वह सब देख रही थी। गांव परतापुर निवासी करन सिंह ने बताया कि उनका भाई 40 वर्षीय ओमपाल सिंह मजदूरी कर अपना व परिवार का पालन पोषण करता था। उनका भाई उनके पड़ोस में ही पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। गत आठ सितंबर को ओमपाल अपने घर पर खाना खाकर सोया था, सुबह उनके न उठने पर देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने इसे स्वाभाविक व दिल का दौरा पड़ने से मौत होना समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था। पुलिस को भी सूचना नहीं दी गई और शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया। लेकिन, चाचा की मौत के बाद से करन सिंह की 12 वर्षीय पुत्री गुमसुम रहने लगी। बुधवार को जब परिजनों ने उससे गुमसुम रहने का कारण पूछा तो उसने कहा कि ओमपाल चाचा की हत्या की गई है। बच्ची ने बताया कि घटना वाली रात वह भी ओमपाल चाचा के घर पर ही सोने के लिए गई थी। देर रात में जब उसकी आंख खुलीं तो देखा कि उसकी चाची प्रीति ने चाचा ओमपाल के हाथ पकड़े हुए थे और ताऊ के बेटे अभय (जो खुद ओमपाल का ही सगा भतीजा है) ने चाचा का चुन्नी से गला दबाकर हत्या कर दी थी। दोनों को लगा था कि बच्ची सो रही है, लेकिन वह सब देख रही थी। यह मामला सामने आते ही करन सिंह व परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल थाना पुलिस को मामले की सूचना दी। जिस पर थाना पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया कि उनके बीच दो वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा है। इसलिए वह दोनों अब साथ रहना चाहते थे। लेकिन, ओमपाल इसका विरोध करता था। इसी के चलते आठ सितंबर की रात को ओमपाल के सोते ही उन्होंने वारदात को अंजाम दे डाला।


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Author: krjnews
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