प्रधानमंत्री ने योग ऋषि महर्षि पतंजलि को किया नमन, योग की महत्ता पर साझा किया संस्कृत सुभाषित

नई दिल्ली : 4 / जून / 2026 :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग ऋषि महर्षि पतंजलि को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए योग की महत्ता को प्रतिपादित करने वाला एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि महर्षि पतंजलि का योगदान मानवता के लिए अमूल्य है और उनके द्वारा प्रदत्त योग दर्शन आज भी करोड़ों लोगों को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में योग को केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसने विश्वभर में स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति नई जागरूकता पैदा की है।

प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए संस्कृत सुभाषित में योग के महत्व और उसके आध्यात्मिक तथा मानसिक लाभों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने लोगों से अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि भारत के प्रयासों से इंटरनेशनल डे ऑफ़ योग को वैश्विक पहचान मिली और आज विश्व के अनेक देशों में बड़े उत्साह के साथ योग दिवस मनाया जाता है। प्रधानमंत्री लगातार योग को जन-जन तक पहुंचाने और इसे स्वस्थ जीवन का आधार बनाने पर जोर देते रहे

Loading

krjnews
Author: krjnews

Leave a Comment