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नवाचार और उद्यमशीलता में विविधता जरूरी, प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् से दिया संदेश

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नई दिल्ली : 15 / जून / 2026 :  प्रधानमंत्री ने नवाचार और उद्यमशीलता के क्षेत्र में विविधता के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् के माध्यम से युवाओं और उद्यमियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न विचारों, अनुभवों और दृष्टिकोणों का समावेश ही नवाचार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में बताया कि समाज और अर्थव्यवस्था के सतत विकास के लिए विविधता एक महत्वपूर्ण आधार है। अलग-अलग पृष्ठभूमि और प्रतिभाओं से आने वाले लोगों के विचार जब एक मंच पर मिलते हैं, तो नए समाधान और बेहतर अवसरों का सृजन होता है।

उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता देश की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक है। यही विविधता नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमशीलता के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने में सहायक बन रही है।

प्रधानमंत्री ने युवाओं से रचनात्मक सोच अपनाने, नए विचारों को प्रोत्साहित करने और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

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Author: krjnews

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