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प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषित के माध्यम से सत्य, सेवा, ज्ञान और कर्म का संदेश दिया

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नई दिल्ली : 18 / जून / 2026 :   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्य, सेवा, ज्ञान और कर्म जैसे मानवीय मूल्यों के महत्व को रेखांकित करते हुए एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा किया। उन्होंने कहा कि ये गुण व्यक्ति के चरित्र निर्माण के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में बताया कि सत्य जीवन की आधारशिला है, सेवा मानवता का सर्वोच्च धर्म है, ज्ञान प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है और कर्म सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने नागरिकों से इन मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में सदैव सत्य, परोपकार, शिक्षा और कर्तव्यनिष्ठा को विशेष महत्व दिया गया है। यही आदर्श समाज में सकारात्मक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देते हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया यह संस्कृत सुभाषित लोगों को नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने और जीवन में सकारात्मक सोच एवं कर्तव्यनिष्ठा अपनाने का संदेश देता है। उनके इस संदेश को विभिन्न वर्गों के लोगों ने प्रेरणादायक बताते हुए सराहा है।

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Author: krjnews

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