नई दिल्ली : 18 / जून / 2026 : कृषि क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति अधिक लचीला बनाने और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्व बैंक समर्थित “नवाचारी विकास (रिवार्ड) कार्यक्रम” के अंतर्गत उन्नत जलसंभर प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय तकनीकी दिशानिर्देशों (एनटीजी) पर दूसरी राष्ट्रीय स्तर की परामर्श बैठक आयोजित की गई।
बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधिकारियों, जलसंभर प्रबंधन विशेषज्ञों, शोध संस्थानों के प्रतिनिधियों तथा विकास क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया। इस दौरान कृषि लचीलापन बढ़ाने के लिए जलसंभरों के पुनरुद्धार, जल संरक्षण, मृदा संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के समग्र प्रबंधन से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

विशेषज्ञों ने कहा कि उन्नत राष्ट्रीय तकनीकी दिशानिर्देशों का उद्देश्य जलसंभर विकास कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और परिणामोन्मुख बनाना है। इन दिशानिर्देशों के माध्यम से वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, भूमि सुधार तथा जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में विभिन्न राज्यों के अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया गया तथा भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों ने जलसंभर प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों, डेटा आधारित योजना निर्माण और सामुदायिक सहभागिता को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय तकनीकी दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देने की दिशा में यह परामर्श बैठक एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे देश में जलसंभर विकास कार्यक्रमों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को नई मजबूती मिलेगी तथा कृषि क्षेत्र को जलवायु संबंधी चुनौतियों से निपटने में सहायता प्राप्त होगी।
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Author: krjnews
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