बुलंदशहर : 25 / अगस्त / 2026 : नगर पालिका बुलंदशहर में पिछले काफी समय से कुछ सभासदों और टैक्स विभाग के कर्मचारियों के बीच कार्यप्रणाली को लेकर मतभेद सामने आते रहे हैं। इसी बीच टैक्स विभाग के कर्मचारियों द्वारा अपनी स्थिति स्पष्ट करने और लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपे जाने की बात सामने आई है। वहीं कुछ सभासदों ने टैक्स विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
कुछ सभासदों के अनुसार नगर क्षेत्र के कई बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, शोरूम और दुकानों के टैक्स निर्धारण में अनियमितता की शिकायतें सामने आई हैं। सभासदों का आरोप है कि कुछ संपत्तियों का टैक्स वास्तविक स्थिति के अनुरूप निर्धारित नहीं किया गया, जिससे नगर पालिका के राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका है। सभासदों द्वारा ऐसे कई स्थानों की जानकारी भी टैक्स विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में दिए जाने की बात कही गई है।

सभासदों का यह भी आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कई मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती। उनका कहना है कि कुछ संपत्तियों में टैक्स निर्धारण को लेकर समान नियम लागू नहीं होने की शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बिल और रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल
टैक्स विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर उपभोक्ताओं से जुड़ी समस्याएं भी सभासदों ने उठाई हैं। उनका कहना है कि कई उपभोक्ताओं तक टैक्स के बिल समय से नहीं पहुंचने की शिकायतें मिल रही हैं। वहीं सर्वे रिपोर्ट और सर्वे रजिस्टर के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कुछ रजिस्टरों में यह स्पष्ट करना मुश्किल है कि उन्हें किस कर्मचारी या अधिकारी द्वारा भरा गया है।
सबसे बड़ी परेशानी उन उपभोक्ताओं के सामने बताई जा रही है जिनकी पुरानी टैक्स जमा रसीद किसी कारण से खो जाती है। सभासदों के मुताबिक ऐसे मामलों में पालिका के रिकॉर्ड से पुराना भुगतान आसानी से उपलब्ध नहीं होने पर उपभोक्ता को दोबारा भुगतान की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उसे आर्थिक नुकसान होने की आशंका रहती है।
शिकायतों के समाधान की मांग
कुछ सभासदों का कहना है कि वार्ड की जनता टैक्स से जुड़ी समस्याएं अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने रखती है, लेकिन कई मामलों में समय से समाधान नहीं हो पाता। सभासदों ने टैक्स रिकॉर्ड, सर्वे रजिस्टर, संपत्तियों के टैक्स निर्धारण और पुराने भुगतान रिकॉर्ड की व्यवस्थित जांच कराने की मांग की है।
वहीं टैक्स विभाग के कर्मचारियों द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन के बाद अब दोनों पक्षों की शिकायतों और आरोपों की निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नगर पालिका के राजस्व और उपभोक्ताओं के हित को देखते हुए टैक्स व्यवस्था में पारदर्शिता तथा रिकॉर्ड के सही रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है।
जनता के लिए संदेश: टैक्स जमा करते समय उपभोक्ता निर्धारित आधिकारिक माध्यम का ही इस्तेमाल करें, भुगतान की रसीद जरूर लें और उसे सुरक्षित रखें। किसी भी कर्मचारी या व्यक्ति द्वारा टैक्स कम कराने अथवा रिकॉर्ड में बदलाव के नाम पर अतिरिक्त धनराशि मांगे जाने पर उसकी शिकायत संबंधित अधिकारी से करें। इससे उपभोक्ता भी सुरक्षित रहेंगे और नगर पालिका के राजस्व में पारदर्शिता बनी रहेगी।
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Author: krjnews
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