ककोड़ : 27 / अगस्त / 2026 : केशव माधव सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककोड़ में बुधवार, 27 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार मिश्र ने की, जबकि मुख्य वक्ता आचार्या बहन अरमेश एवं आचार्य मनोज शर्मा रहे। कार्यक्रम का संचालन आचार्या बहन सोनिया गोस्वामी ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के भैया-बहनों ने रक्षाबंधन पर्व से संबंधित सुंदर गीतों की प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। मुख्य वक्ता आचार्या बहन अरमेश ने पौराणिक कथाओं के माध्यम से रक्षाबंधन पर्व के महत्व एवं इसकी परंपरा के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी।

वंदना स्थल पर विद्यालय की बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की भावना को मजबूत किया। इसके साथ ही विद्यालय में राखी मेकिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। विद्यालय की बहनों ने पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एवं एचडीएफसी बैंक के कर्मचारियों तथा थाना ककोड़ के पुलिसकर्मियों को भी राखी बांधी।
आचार्य मनोज शर्मा ने श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर मनाए जाने वाले संस्कृत दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी समृद्ध संस्कृति की आधारभूत भाषा है। वेद, उपनिषद, रामायण, गीता एवं महाभारत जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों में संस्कृत का विशेष स्थान है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के अध्यक्ष अशोक गुप्ता, प्रबंधक जगदीश प्रसाद ढौडियाल, कोषाध्यक्ष दिनेश सिंघल, सह व्यवस्थापक कालीचरण एवं प्रधानाचार्य मनोज कुमार मिश्र ने क्षेत्रवासियों को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान संघ के छह उत्सवों की जानकारी देते हुए रक्षाबंधन को सामाजिक समरसता, भाईचारे और राष्ट्रभावना से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व बताया गया।
प्रधानाचार्य मनोज कुमार मिश्र ने विद्यार्थियों को भाई-बहन के रिश्ते की गरिमा बनाए रखने, आपसी सम्मान एवं अनुशासन का पालन करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त आचार्य बंधु, आचार्या बहनें एवं भैया-बहन उपस्थित रहे।
![]()
Author: krjnews
KRJ News एक विश्वसनीय हिंदी डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जिसका उद्देश्य पाठकों तक तेज़, निष्पक्ष और तथ्यपरक समाचार पहुँचाना है।









