सुनील पाठक , गोरखपुर
मेहदावल, संत कबीर नगर : 10 / सितम्बर / 2026 : मेहदावल तहसील क्षेत्र स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर मरीजों और स्थानीय लोगों में नाराजगी सामने आई है। अस्पताल में चिकित्सकों की उपलब्धता, साफ-सफाई, शौचालय और दवाओं को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी और सीएमओ से मामले का संज्ञान लेकर जांच कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को कई बार संबंधित चिकित्सक मौके पर नहीं मिलते, जिसके चलते उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता है। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं होने की बात कही जा रही है। मरीजों और तीमारदारों के लिए बने शौचालयों में गंदगी होने का भी आरोप है।

बाहरी दवाइयां लिखने के आरोप
मामले का एक गंभीर पहलू यह भी है कि कुछ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बजाय बाहरी दवाइयां लिखे जाने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ पर्चों पर निजी लेटरहेड के माध्यम से दवाइयां लिखी जाती हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
वहीं, किसान यूनियन के एक स्थानीय पदाधिकारी ने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में कुछ ऐसे लोग सक्रिय रहते हैं, जो मरीजों को निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर की ओर भेजने का प्रयास करते हैं। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कुछ चिकित्सकों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

सरकारी अस्पताल में निजी प्रैक्टिस का भी आरोप
स्थानीय लोगों ने कुछ चिकित्सकों पर ड्यूटी के बाद निजी स्तर पर मरीज देखने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में तैनात कुछ डॉक्टर शाम के समय अपने आवास पर मरीज देखते हैं। हालांकि, इन आरोपों की भी विभागीय जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को बेहतर और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे में यदि बाहरी दवाइयां लिखने, निजी प्रैक्टिस या दलालों के सक्रिय होने जैसे आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
केआरजे न्यूज़ की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया, जहां अस्पताल परिसर में साफ-सफाई को लेकर कमियां नजर आने की बात सामने आई। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर व्यवस्थाओं में सुधार कराने की मांग की है।
वहीं, अस्पताल के अधीक्षक से मामले को लेकर पक्ष जानने का प्रयास किया गया। आरोप है कि उन्होंने शिकायतों को गंभीरता से लेने के बजाय मामले को अलग दिशा में ले जाने का प्रयास किया। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष और आरोपों की विभागीय जांच के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
अब देखना यह है कि खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग मेहदावल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर क्या कदम उठाता है और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कब तक उपलब्ध हो पाती हैं।
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Author: krjnews
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