गोरखपुर : 24 / सितम्बर / 2026 : गोरखपुर जनपद में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है मामला स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा हुआ है जो हमेशा शहर में चर्चा का विषय बना रहता है। पीड़ित महिला शहर के जिम्मेदार अधिकारियों के यहां दौड़ लगा रही है।लेकिन न्याय मिलने की जगह सिर्फ आश्वासन मिल रहा है यह कोई पहला मामला नहीं है।
इस तरह के मामले गोरखपुर शहर में प्राइवेट हॉस्पिटलों के खिलाफ बहुत हो चुके हैं। आपको बताते चलें गोरखपुर प्राइड हॉस्पिटल रूस्तमपुर दिनांक 6,5,26 को नौसढ निवासी यशोदा चौरसिया पति स्वर्गीय सुरेश चौरसिया अचानक तबीयत खराब होने के कारण उपरोक्त प्राइवेट अस्पताल में एडमिट कराया गया।

जिसमें इलाज के दौरान एवं लापरवाही के कारण सुरेश चौरसिया की मौत हो गई। बताते हैं कि उक्त पीड़ित व्यक्ति की प्राइड हॉस्पिटल रुस्तमपुर में करीब 2:00 बजे भर्ती कराया गया डॉक्टर द्वारा सभी जांच के उपरांत 4:30 बजे सीने में अचानक दर्द हुआ किसी भी उनके परिचित एडवोकेट आशुतोष सिंह उन्हें देखने आए।
उन्होंने कहा की व्यवस्था देखकर वहां उपस्थित के हिसाब से बात की है और उक्त मरीज हार्ट का पेशेंट है और अस्पताल में कोई हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है ।तो इसका इलाज कौन करेगा इस पर अस्पताल प्रबंधन ने कोई सही जवाब नहीं दिया। और बताया गया इलाज से ही ठीक हो रहा है बाद में पीड़िता को में जाकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा कहा गया की आप उनकी बात का विश्वास ना करें वह अधिवक्ता है और मैं डॉक्टर हूं वही पीड़िता ने आरोप लगाया गलत इलाज के कारण उनकी हालत और खराब हो गई और उन सब के बीच रात्रि 9:45 बजे उपरोक्त हॉस्पिटल में उनकी मृत्यु हो गई ।
परिवार के लोगों ने पुलिस को फोन किया। पुलिस के आने पर अस्पताल के सभी लोग भाग गए। पुलिस द्वारा पति को एंबुलेंस से सदर अस्पताल लाया गया वहां पर उपस्थित डॉक्टर ने जांच के उपरांत में मृत घोषित कर दिया। उपरोक्त पीड़िता बहुत ही गरीब लाचार महिला है। अस्पताल के संचालक द्वारा उन्हें धमकी दिया गया कि इस घटना की कोई शिकायत मत करना नहीं तो परेशान हो जाओगी मेरी पहुंच बहुत ऊपर तक है मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा। तुम ही लोगों को उल्टा फंसा दूंगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला ने आइजीआरएस, एसएसपी गोरखपुर ,ऐसो कैंट ,जिलाधिकारी गोरखपुर, मुख्यमंत्री दरबार, तक मिल चुकी है लेकिन अभी तक उसकी कोई न्याय नहीं मिला। अब देखना यह है की क्या इस महिला को जिला प्रशासन यह प्रदेश सरकार से से न्याय मिलेगा या शहर में इस तरह की घटनाएं ऐसे ही होती रहेगी और प्रशासन मौन बैठा रहेगा।
नियम और कानून की धज्जियां उड़ती रहेगी। प्राइवेट हॉस्पिटल वाले ऐसे ही पनपते रहेंगे क्योंकि यह जिला सामान्य जिला नहीं मुख्यमंत्री का जिला है और हमें लगता है कि यह मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान तक अभी नहीं पहुंचा है या उन्हें एक भ्रमित कर दिया गया है पीड़िता ने कहा कि अगर हमें न्याय नहीं मिलेगा तो जनता दरबार में उपस्थित होकर उपरोक्त प्राइड हॉस्पिटल और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करुंगी ।और इस घटना को लेकर मेरे साथ अगर कुछ होता है तो इसकी भी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
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Author: krjnews
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