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फर्जी जीएसटी फर्मों का खेल उजागर, चार गिरफ्तार

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गाजियाबाद : 30 / सितम्बर / 2026 :   थाना इन्दिरापुरम पुलिस, स्वाट, सर्विलांस एवं साइबर टीम ट्रांस हिंडन जोन की संयुक्त कार्रवाई में धोखाधड़ी कर अस्तित्वहीन एवं फर्जी फर्म तैयार कर कथित रूप से जीएसटी चोरी के मामले में वांछित चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 08 मुहरें, 11 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 02 कीपैड मोबाइल फोन, 07 चेकबुक, 17 एटीएम कार्ड, 06 सिम कार्ड, 02 आधार कार्ड, 01 वोटर कार्ड, कुल 26 पृष्ठों के दस्तावेज तथा 01 सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार संख्या डीएल5सीयू8691 बरामद की है।

पुलिस के अनुसार थाना इन्दिरापुरम पर 17 मई 2026 को राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग की ओर से प्राप्त लिखित तहरीर के आधार पर मुकदमा अपराध संख्या 407/2026 धारा 318(2), 338, 336(3) एवं 340(2) बीएनएस के अंतर्गत पंजीकृत किया गया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक हरिन्दर सिंह द्वारा की जा रही थी।

विवेचना के दौरान प्राप्त सूचना के आधार पर 29 सितंबर 2026 की रात्रि थाना इन्दिरापुरम पुलिस टीम द्वारा अटल चौक क्षेत्र में चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि मुकदमे में वांछित अभियुक्त सेक्टर-15 वसुंधरा स्थित ग्रीन बेल्ट के पास गुरुद्वारे के निकट एक सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार में मौजूद हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और करीब 00:47 बजे चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सचिन पुत्र तेजपाल, निवासी ग्राम जावली थाना टीला मोड़, उम्र 31 वर्ष; कपिल चौधरी पुत्र राजकुमार, निवासी शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-1, उम्र 37 वर्ष; सुनील पाल पुत्र ब्रिजेश पाल, निवासी नीति खंड-1 इन्दिरापुरम, उम्र 37 वर्ष; तथा विनीत शर्मा पुत्र हरिओम शर्मा, निवासी मकनपुर थाना इन्दिरापुरम, उम्र 37 वर्ष के रूप में हुई है।

पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा कथित रूप से जीएसटी से संबंधित गतिविधियों में संलिप्तता के संबंध में जानकारी दी गई। पुलिस के अनुसार कपिल चौधरी ने बताया कि वह दिसंबर 2023 से जीएसटी संबंधी कार्य में जुड़ा था और उसके माध्यम से फर्जी जीएसटी फर्म तैयार कराई जाती थीं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि WORLD LINKS SERVICE VENTUR नामक फर्म कथित रूप से सुनील पाल के नाम से तैयार कराई गई थी तथा इसके एवज में उसे एक लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई है।

पुलिस के अनुसार अभियुक्त कपिल चौधरी ने पूछताछ में अपने परिचित संतोष सोनी के साथ मिलकर कथित रूप से फर्जी जीएसटी फर्म तैयार करने और कारोबारियों को फर्जी बिल उपलब्ध कराने की बात बताई। पुलिस के अनुसार पूछताछ में 10 से 12 करोड़ रुपये तक का कथित टर्नओवर दर्शाए जाने तथा 3 से 5 प्रतिशत कमीशन प्राप्त होने की बात सामने आई है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूछताछ में सामने आए इन तथ्यों की विवेचना के दौरान स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जा रही है तथा प्रकरण में शामिल अन्य व्यक्तियों एवं संभावित नेटवर्क के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थाना इन्दिरापुरम पर धोखाधड़ी कर अस्तित्वहीन एवं फर्जी फर्म से संबंधित एक अभियोग पंजीकृत है। अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।

बरामदगी में 08 मुहरें, 11 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 02 कीपैड मोबाइल फोन, 07 चेकबुक, 17 एटीएम कार्ड, 06 सिम कार्ड, 02 आधार कार्ड, 01 वोटर कार्ड, कुल 26 पृष्ठों के दस्तावेज तथा सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार संख्या डीएल5सीयू8691 शामिल हैं। पुलिस द्वारा बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, दस्तावेजों, बैंकिंग सामग्री एवं अन्य साक्ष्यों का परीक्षण कर प्रकरण में उनकी भूमिका एवं उपयोगिता की जांच की जा रही है।

मामले में आवश्यक विधिक कार्यवाही प्रचलित है तथा विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में स्वाट, सर्विलांस एवं साइबर टीम ट्रांस हिंडन जोन तथा थाना इन्दिरापुरम पुलिस टीम शामिल रही। उक्त प्रकरण के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त इन्दिरापुरम सूर्यबली मौर्य की वीडियो बाइट भी जारी की जाएगी।

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Author: krjnews

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