Home » लखनऊ » इटौंजा पहुंचे मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, गोमती पर बनेगा बाढ़ का सुरक्षा कवच,फैजुल्लागंज से नैमिषारण्य तक तटबंध, पानी निकासी के लिए लगेंगे पंपिंग सिस्टम

इटौंजा पहुंचे मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, गोमती पर बनेगा बाढ़ का सुरक्षा कवच,फैजुल्लागंज से नैमिषारण्य तक तटबंध, पानी निकासी के लिए लगेंगे पंपिंग सिस्टम

Share This Article

[responsivevoice_button voice="Hindi Male"]

बीकेटी/ लखनऊ  : 6 / अक्टूबर / 2026 :    गोमती के बढ़े जलस्तर से बाढ़ की चपेट में आए लखनऊ के फैजुल्लागंज इटौंजा और बीकेटी क्षेत्र के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया। इटौंजा के बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे मुख्यमंत्री ने फैजुल्लागंज से नैमिषारण्य तक गोमती नदी के पूरे तट का सर्वे कराकर तटबंध की समग्र योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग से तत्काल सर्वे और प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ का स्थायी समाधान सिर्फ तटबंध बनाने से नहीं होगा, बल्कि तटबंध के भीतर बारिश का पानी जमा होने की स्थिति में उसकी निकासी के लिए भी पंपिंग सिस्टम विकसित करना होगा। यानी योजना में नदी का पानी आबादी में घुसने से रोकने के साथ भीतर जमा बारिश के पानी को पंपिंग सेट के जरिए बाहर निकालने की व्यवस्था भी शामिल होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई भारी बारिश का पानी पांच-छह दिन बाद नीचे आकर गोमती में पहुंचा, जिससे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा और फैजुल्लागंज, बीकेटी, इटौंजा समेत आसपास के इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी।

मुख्यमंत्री ने इटौंजा के लासा, अकड़रिया, सुल्तानपुर, बहादुरपुर और दुघरा समेत प्रभावित गांवों का जायजा लिया और बाढ़ प्रभावित परिवारों का हाल-चाल जाना। करीब 300 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री भी वितरित की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों तक सूखा राशन, जिसमें चावल, आटा, आलू, दाल, खाद्य तेल, नमक-मसाले समेत जरूरी सामग्री हो, समय से पहुंचे।

बच्चों के लिए दूध और पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ बिजली, रोशनी और अन्य आवश्यक संसाधन भी तत्काल उपलब्ध कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में सांप-बिच्छू समेत जहरीले जीवों के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम तथा कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।

प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल और पशु चिकित्सा शिविर लगाने को भी कहा। मुख्यमंत्री के मुताबिक बाढ़ या बिजली गिरने से जनहानि होने पर आपदा राहत के तहत पात्र परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी, जबकि पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जाएगा।

पशुहानि पर भी नियमानुसार सहायता दी जाएगी। वहीं बाढ़ से खेतों में खड़ी फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराने और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि राहत और बचाव कार्य में किसी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए।

तटबंध योजना के ऐलान के बाद अब सिंचाई विभाग के सर्वे और प्रस्ताव पर नजर रहेगी कि फैजुल्लागंज से नैमिषारण्य तक गोमती के संवेदनशील तटों को किस तरह स्थायी बाढ़ सुरक्षा से जोड़ा जाता है और जल निकासी की पंपिंग व्यवस्था का खाका क्या होगा। दौरे में उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, क्षेत्रीय विधायक योगेश शुक्ला, लखनऊ उत्तर विधायक डॉ. नीरज बोरा, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय मौर्य समेत प्रशासन, पुलिस और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Loading

krjnews
Author: krjnews

KRJ News एक विश्वसनीय हिंदी डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जिसका उद्देश्य पाठकों तक तेज़, निष्पक्ष और तथ्यपरक समाचार पहुँचाना है।

Leave a Comment