गाजियाबाद : 10 / अक्टूबर / 2026 : ग्राम कनावनी के किसानों का अपनी मांगों को लेकर चल रहा धरना शनिवार को लगातार 58वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से आंदोलन चलने के बावजूद मांगों का समाधान नहीं निकलने से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
किसानों ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी जमीन से जुड़े मामले में न्यायालय के आदेशों के बावजूद प्राधिकरण अवॉर्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हैं तथा किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे।
धरने का नेतृत्व कर रहे अशोक कसाना और परवीन नागर ने कहा कि किसानों के अनुसार, न्यायालय के आदेशों के तहत अधिग्रहण की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद प्राधिकरण की ओर से अवॉर्ड बनाने की तैयारी किए जाने की जानकारी सामने आ रही है, जिससे किसानों में भारी रोष है।
किसान नेताओं का कहना है कि जब जमीन से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा है और प्राधिकरण के उपाध्यक्ष तथा अपर जिलाधिकारी भू-अर्जन के विरुद्ध अवमानना के नोटिस जारी होने की बात कही जा रही है, तब किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय अवॉर्ड बनाने की तैयारी करना गंभीर चिंता का विषय है।
अशोक कसाना और परवीन नागर ने कहा कि कनावनी के किसान अपनी जमीन, अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। किसानों की प्रमुख मांग है कि जमीन से जुड़े मामले का न्यायपूर्ण समाधान किया जाए और राजस्व अभिलेखों में उनके नाम बहाल किए जाएं। उनका कहना है कि जमीन किसानों की आजीविका और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में उनकी मांगों की अनदेखी से किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
किसान नेताओं ने कहा कि प्राधिकरण को किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय के आदेशों का सम्मान करना चाहिए। किसानों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी मामले की गंभीरता को समझेंगे और बातचीत के माध्यम से उचित समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों से जुड़े इस मामले में किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा।
धरना दे रहे किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन यदि उनकी आवाज को लगातार अनसुना किया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाने की रणनीति बनाई जाएगी। इसके लिए आने वाले दिनों में किसानों की बैठक आयोजित कर आगे की रूपरेखा तय की जाएगी।
धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने एक स्वर में कहा कि यह लड़ाई केवल जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके अधिकारों, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ी हुई है। किसानों ने कहा कि वे अपने हक की लड़ाई में पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनकी मांग है कि प्राधिकरण किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए ऐसा समाधान निकाले, जिससे उनके अधिकार सुरक्षित रह सकें और विवाद का न्यायपूर्ण निस्तारण हो सके।
किसानों ने दोहराया कि वे अपनी जमीन किसी भी कीमत पर देने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक जमीन से जुड़े विवाद का उचित समाधान नहीं होता और उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक धरना जारी रहेगा। आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए किसानों के बीच लगातार विचार-विमर्श किया जा रहा है।
शनिवार को धरना स्थल पर रामपत सिंह नागर, कैलाश नागर, श्रीचंद नागर, मथन सिंह नागर, सतीश नागर, करण सिंह नागर, दीपक, महाराज सिंह नागर, श्याम सिंह अधाना, कुलदीप अधाना, देवेंद्र नागर, कबूल सिंह नागर, अमित कसाना, रोहित नागर सहित अन्य किसान मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
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Author: krjnews
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