सुनील पाठक , गोरखपुर
गोरखपुर : 11 / अक्टूबर / 2026 : उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर चल रहे चरणबद्ध आंदोलन के बीच लेखपालों का एक अत्यंत संवेदनशील और मानवीय चेहरा भी सामने आया है।
संघ ने आम जनमानस, विशेष रूप से गंभीर रूप से बीमार और असहाय लोगों की समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष, इलाज व अन्य आर्थिक सहायता से जुड़े प्रार्थना पत्रों को फिलहाल आंदोलन और कार्य बहिष्कार से पूरी तरह अलग रखा है, ताकि किसी जरूरतमंद का उपचार न रुके।

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, गोरखपुर सदर तहसील शाखा के अध्यक्ष अनिल राय ने अवधनामा को बताया कि आंदोलन अपनी मांगों को लेकर शासन के खिलाफ है, न कि लाचार और बीमार जनता के खिलाफ। उन्होंने कहा कि इसी मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए आर्थिक मदद से जुड़ी फाइलों पर कार्यवाही जारी रखी गई है।
हालांकि, अनिल राय ने यह भी स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शासन स्तर से उनकी न्यायोचित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन के अगले चरण में विवश होकर आर्थिक मदद से संबंधित मामलों पर भी कार्यवाही पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
जिले में हजारों आवेदन लंबित: जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के गोरखपुर जिला अध्यक्ष जगदीश प्रसाद ने बताया कि ऑनलाइन और अतिरिक्त हल्कों के बहिष्कार के चलते पूरे जिले में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिले भर की तहसीलों में अब तक हज़ारों आवेदन जांच और सत्यापन के अभाव में लंबित हो चुके हैं। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर तहसील मुख्यालयों तक प्रमाणपत्र बनवाने आए छात्र व आम नागरिक भटकने को मजबूर हैं।
ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के अनुसार सदर तहसील में 7087 आवेदन लटके
लेखपालों द्वारा 8 अक्टूबर से प्रशासनिक वॉट्सऐप ग्रुप छोड़कर ऑनलाइन कार्यों के पूर्ण बहिष्कार के ऐलान के बीच ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल की आधिकारिक रिपोर्ट ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। गोरखपुर सदर तहसील में तहसीलदार न्यायालय/अधिकारी स्तर पर 1 अक्टूबर 2026 से 7 अक्टूबर 2026 के बीच आए जाति और आय प्रमाण पत्र के आंकड़ों से हड़ताल का व्यापक असर साफ दिखाई दे रहा है।
आय प्रमाण पत्र के मामलों को देखें तो 1 से 7 अक्टूबर के बीच सदर तहसील में आय प्रमाण पत्र के कुल 4,128 नए आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से मात्र 6 आवेदनों का ही निस्तारण हो सका। वर्तमान में 4,122 आवेदन लंबित पड़े हुए हैं।
जाति प्रमाण पत्र के लिए इस अवधि में कुल 3,074 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से केवल 109 का निस्तारण हुआ और 2,965 आवेदन लंबित हैं।
सदर तहसील में महज एक सप्ताह के भीतर आय और जाति प्रमाण पत्र के कुल 7,202 आवेदन आए, जिनमें से 7,087 आवेदन पूरी तरह लंबित पड़े हैं। निस्तारण का आंकड़ा महज 115 पर सिमट कर रह गया है।
17 अक्टूबर से ऑफलाइन काम भी बंद करने की तैयारी
सदर अध्यक्ष अनिल राय ने कहा कि 8 अक्टूबर से समस्त ऑनलाइन कार्यों जैसे आय, जाति, निवास, वरासत, किसान रजिस्ट्री व सत्यापन का पूर्ण बहिष्कार शुरू हो चुका है। यदि शासन ने वेतन विसंगति (2800 ग्रेड पे), अन्तर्मण्डलीय स्थानांतरण, पदोन्नति सूची और भत्तों में वृद्धि जैसी प्रमुख मांगों पर तत्काल शासनादेश जारी नहीं किया, तो आगामी 17 अक्टूबर से समस्त ऑफलाइन कार्यों का भी पूर्ण बहिष्कार कर तहसील मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा। इसके बाद 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी।
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Author: krjnews
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