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एकेपी महाविद्यालय में अंतर विश्वविद्यालय संस्कृत प्रतियोगिता का शुभारंभ

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खुर्जा/ बुलंदशहर।

एकेपी महाविद्यालय में संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत संचालित अंतर्विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिताओं का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद खुर्जा की अध्यक्षा अंजना सिंघल, विशिष्ट अतिथि हरिदत्त शर्मा,सोहन शर्मा तथा महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिंपल विज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर तथा मां सरस्वती के चरणों में पुष्पांजलि समर्पित कर किया। संस्कृत विभाग की छात्राओं ने ईश्वर स्तुति प्रार्थना उपासना के मंत्रों का वाचन कर वातावरण को आध्यात्मिक बनाया । कार्यक्रम की संयोजिका डॉ मनु आर्या ने बताया कि आज अंतर्- विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं के अंतर्गत श्लोक उच्चारण संस्कृत गीत गायन तथा संस्कृत विज्ञापन निर्माण प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। मुख्य अतिथि अंजना सिंघल अध्यक्ष खुर्जा ने कहा की प्रतियोगिताएं छात्रों की प्रतिभा को निखारने का माध्यम होती है तथा संस्कृत भाषा भारत की आत्मा में बसती है हमारा कोई भी कार्य संस्कृति के मित्रों के बिना संभव नहीं होता है, नामकरण संस्कार से लेकर के अंत्येष्टि संस्कार पर्यंत 16 संस्कार और घर में किए जाने वाले सभी अनुष्ठान संस्कृत भाषा में ही होते हैं इसीलिए संस्कृत का संरक्षण संवर्धन आवश्यक है। डी एन पी जी गुलावटी से समागत असिस्टेंट प्रोफेसर हरिदत्त शर्मा ने कहा कि संस्कृत पूर्णतया वैज्ञानिक तथा सक्षम भाषा है।  इसका व्याकरण तथा भाषा विज्ञान बहुत ही व्यवस्थित है। इसके शब्द सार्थक हैं जैसे कि सिंह शब्द हिंस धातु से बना है तो सिंह का मतलब है जो हिंसा करता है। संस्कृत भाषा में प्रत्येक शब्द व्युत्पत्तिजन्य होता एवं प्रत्येक व्युत्पत्तिजनित अर्थ स्वयं में विशिष्ट होता है। यही नहीं, संस्कृत भाषा में नामों के अर्थ वस्तुओं का केवल सामान्य भाषाई बोध नहीं कराते, बल्कि उनके पीछे की तात्विक अवधारणा भी इंगित करते हैं। जैसे- धर्म शब्द की व्युत्पत्ति है ‘ध्रियते लोकोsनेन इति धर्म:’ अर्थात् जिसके द्वारा लोक को धारण किया जाता है, वह धर्म है। संसार की व्युत्पत्ति है ‘संसरति इति संसार:’ यानि जो निरंतर गतिशील या परिवर्तनशील है, वह संसार है। डीपीबी एस अनुपशहर कालेज से समागत श्री सोहन शर्मा ने बताया कि आज की भौतिकवादी चाकचक्य में छात्र अव्यवस्थित हो गया है। उसके सम्मुख अनेक विकल्प होने से वह भटक रहा है उचित विकल्प का चयन न करने के कारण आत्महीनता तथा तनाव से ग्रस्त होता जा रहा है। श्रीमद्भगवद्गीता का अध्ययन से आत्म प्रबंधन के सूत्र प्राप्त होते हैं जिन्हें पढ़कर जीवन में उत्साह जीवंतता का संचार होता है। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो डिम्पल विज ने कहा कि महाविद्यालय संस्कृत भाषा के संरक्षण संवर्धन के लिए तत्पर है। आपने प्रतियोगियों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। महाविद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती नीलू सिंह ने समागत अतिथियों का स्वागत व धन्यवाद ज्ञापन किया। प्रतियोगिताओं में श्री हरिदत्त शर्मा गुलावटी कॉलेज तथा सोहन आर्य डीबीपीएस कॉलेज ने निर्णायक की भूमिका का निर्वहन किया श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में ‌मोनिका माहेश्वरी मा काशीराम राजकीय महाविद्यालय गभाना प्रथम स्थान, मधु सैनी एकेपी डिग्री कॉलेज खुर्जा द्वितीयस्थान , दीपिका मंगलायतन विश्वविद्यालय बेसवां अलीगढ़, तृतीय स्थान पर रहीं। संस्कृत गीत गायन प्रतियोगिता में बुलबुल सोलंकी एकेपी डिग्री कॉलेज खुर्जा प्रथम स्थान, आकाश डी एस कालेज अलीगढ़ द्वितीय स्थान तथा मधु सैनी तृतीय स्थान पर रहीं। संस्कृत विज्ञापन निर्माण प्रतियोगिता में मोनिका माहेश्वरी मा. काशीराम राजकीय महाविद्यालय गभाना प्रथम स्थान, मेघा डी एस कालेज अलीगढ़ द्वितीय स्थान तथा नाजरीन एकेपी डिग्री कॉलेज खुर्जा तृतीय स्थान प्राप्त किया। अवसर पर दीप्ति सिंघल जी, डॉ जयवीर जी तथा समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

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Author: krjnews

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