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खुर्जा में बाल पथ संचलन के माध्यम से चार साहिबज़ादों के शौर्य और संस्कारों का संदेश

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बुलन्दशहर : 25 / दिसंबर / 2025 : आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, खुरजा नगर द्वारा सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंह जी के चारों साहिबज़ादों के शहादत दिवस के अवसर पर बाल पथ संचलन का आयोजन किया गया। पथ संचलन संघ कार्यालय, जे.पी. चौहान अस्पताल के पीछे से निकाला गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री मान आनंद जी (सह प्रान्त प्रचारक) द्वारा भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर अपने उद्बोधन में श्री मान आनंद जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मानता है कि राष्ट्र निर्माण की नींव बाल अवस्था से ही पड़ती है। संघ के बाल स्वयंसेवक खेल, गीत, योग और सेवा के माध्यम से अनुशासन, एकता, समाज के प्रति दायित्व तथा भारत माता के प्रति प्रेम का संस्कार प्राप्त करते हैं। पथ संचलन में दिखाई देने वाला अनुशासन और समर्पण यह संदेश देता है कि आज का संस्कारित बालक ही कल का सशक्त भारत बनाएगा। उन्होंने चारों साहिबज़ादों—साहिबज़ादे अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह—के त्याग और शौर्य का स्मरण कराते हुए कहा कि बड़े साहिबज़ादों ने अल्प आयु में ही अन्याय के विरुद्ध शस्त्र उठाकर धर्म और मानवता की रक्षा हेतु वीरगति प्राप्त की, वहीं छोटे साहिबज़ादों ने अत्याचार के सामने झुकने से इनकार करते हुए दीवारों में जीवित चुनवा दिए जाने पर भी अपने धर्म और स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। उनका जीवन यह सिखाता है कि आयु छोटी हो सकती है, पर विचार और साहस महान होते हैं तथा धर्म केवल शब्द नहीं, बल्कि आचरण है।कार्यक्रम में आगामी श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उनके अद्वितीय बलिदान को भी स्मरण किया गया। गुरु तेग बहादुर जी ने कश्मीरी पंडितों की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान देकर यह सिद्ध किया कि सत्य, न्याय और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए दिया गया बलिदान सम्पूर्ण मानवता के लिए होता है।बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू दास की हत्या की घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि निर्दोष की हत्या मानवता पर आघात है। दोषियों पर कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना ही सच्ची संवेदना है। बौद्धिक में बच्चों को यह संदेश भी दिया गया कि हम “संता” नहीं, बल्कि भारत माता की संतान हैं। उपभोग नहीं, बल्कि संस्कार, कर्तव्य, सेवा और राष्ट्रभक्ति ही हमारे जीवन के मूल मूल्य हैं। खिलौनों से नहीं, संस्कारों से राष्ट्र का भविष्य बनता है।अंत में चारों साहिबज़ादों को शत्-शत् नमन करते हुए कार्यक्रम का समापन “वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह” भारत माता की जय कहकर समापन किया। कार्यक्रम में माननीय नगर संघचालक श्री सुनील जी, सह जिला संघचालक श्री अनिल जी, सह नगर संघचालक श्री सामर्थ्य जी, नगर कार्यवाह श्री सुदर्शन जी, नगर प्रचार प्रमुख श्री शिवम् जी सहित अनेक स्वयंसेवक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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Author: krjnews

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