उत्तर प्रदेश : 31 / जनवरी / 2026 : यूपी कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में “उत्तर प्रदेश ईंट भट्ठा (स्थापना के लिए स्थल मापदंड) (प्रथम संशोधन) नियमावली 2026” को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद प्रदेश में 2012 से पहले स्थापित करीब चार हजार से अधिक ईंट-भट्ठे अब वैध माने जाएंगे। ये भट्ठे लंबे समय से अवैध घोषित होकर संचालन कर रहे थे, लेकिन अब इन्हें वैधता मिल जाएगी।
इस संशोधन से लगभग 30 से 40 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, और निर्माण कार्यों में सस्ती लाल ईंटों की उपलब्धता बढ़ने से आम जनमानस को लाभ होगा। भट्ठा संचालकों को जिला पंचायत, वाणिज्य कर विभाग, खनन विभाग या अन्य प्राधिकृत विभाग से यह प्रमाणित करना होगा कि उनका भट्ठा 2012 से पहले स्थापित है। यह राहत उन्हीं ईंट भट्ठों को मिलेगी जिनके पास वर्ष 2012 से पहले जिला पंचायत या अन्य किसी सरकारी विभाग में पंजीकरण या एनओसी है। इन्हें अब संचालन करने की छूट मिल जाएगी। नियमावली के अनुसार ईंट-भट्ठों को संचालन के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति के साथ ही जिला प्रशासन, माइनिंग लीज, जिला पंचायत से अनुमति आदि जरूरी है। चिमनी की ऊंचाई, उत्सर्जन आदि के मानक भी तय हैं।

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Author: krjnews
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