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राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के पदाधिकारीयों को हाथरस प्रशासन ने रोका

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हाथरस : 10 / फरवरी / 2026 :  हाथरस में प्रशासन द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद अपने घर के बाहर सड़क पर अनशन कर रहे राष्ट्रीय स्वर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया से मिलने जा रहे राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी को प्रशासन ने रास्ते में ही रोक लिया। उन्होंने प्रशासन से मुलाकात के लिए बार-बार आग्रह किया लेकिन प्रशासन अपनी जिद पर आ रहा और यह कहकर उन्हें वापस कर दिया गया कि जिलाधिकारी की अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति पंकज धवरैया से मिलने नहीं जा सकता है। श्री धवरैया यूजीसी एक्ट के विरोध में सनातन स्वाभिमान यात्रा में जाते समय हाउस अरेस्ट किए गए थे। 3 दिन से वह अपने घर के बाहर अनशन पर बैठे हैं। प्रशासन उनसे किसी को मिलने नहीं दे रहा है। उनके घर को छावनी बना दिया गया है। राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी ने सोमवार को सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया के घर जाकर उनसे मुलाकात करने की घोषणा की थी, जब वह सोमवार को मिलने के लिए हाथरस आए तो पहले से ही बड़ी मात्रा में पुलिस प्रशासन मुस्तैद था। प्रशासन ने उनकी गाड़ी को रास्ते में ही रोक लिया और उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। काफी देर तक जद्दोजहद होती रही । इसी बीच श्री चतुर्वेदी ने वहीं मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यूजीसी एक्ट के माध्यम से सवर्ण समाज के हितों पर कुठाराघात किया गया है। जिसका विरोध करने के लिए और सवर्ण समाज की आवाज को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए सनातन स्वाभिमान यात्रा का आयोजन किया गया था लेकिन प्रशासन ने स्वाभिमान यात्रा को रोकने के लिए यात्रा के संयोजक सवाल परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया को असंवैधानिक तरीके से बंधक बना लिया है। उनके घर को पुलिस प्रशासन ने घेर रखा है। वह 3 दिन से अपने घर के बाहर अनशन पर बैठे हैं। कड़ाके की सर्दी में खुले में बैठे हैं । उनके जीवन और स्वास्थ्य को खतरा है । जेल से भी बदतर जीवन बना दिया है। जेल में तब भी लोगों को मिलने का समय दिया जाता है । हम अकेले जाकर पंकज धवरैया से मिलना चाहते हैं लेकिन प्रशासन शांति व्यवस्था के नाम पर एक अकेले व्यक्ति को मिलने के लिए नहीं जाने दे रहा है। यह कहा जा रहा है कि जिलाधिकारी की परमिशन के बिना मिलने नहीं दिया जाएगा। क्या अपने देश में किसी भी व्यक्ति से मिलने के लिए वीजा की आवश्यकता होगी। इतने फोर्स के बीच में एक अकेला व्यक्ति किस प्रकार शांति व्यवस्था को भंग कर सकता है। पुलिस प्रशासन संवैधानिक तरीके से लोकतांत्रिक अधिकार के अनुरूप अपनी मांग को शासन तक पहुंचाने से रोक रहा है। सवर्ण समाज की आवाज को दबाया जा रहा है। अपनी आवाज को प्रधानमंत्री तक पहुंचाना हमारा संवैधानिक अधिकार है। यूजीसी एक्ट एक अन्याय पूर्ण कानून है, जिसका विरोध किया जाना चाहिए। इसे लागू नहीं होने देंगे। सवर्ण समाज की आवाज गूंगी बहरी सरकार के कानों तक जरूर पहुंचेगी। यह तो सरकार और प्रशासन का आतंक है जो लोगों को उनकी अपनी बात कहने से रोका जा रहा है। अगर हमारे किसी भी व्यक्ति का प्रशासन द्वारा उत्पीड़न किया गया तो परिणाम गंभीर होंगे। पंकज धवरैया का किसी भी स्तर पर कोई भी उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । शांति व्यवस्था के नाम पर प्रशासन कोई भी अन्याय पूर्ण एवं उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न करे। सवर्ण समाज हर परिस्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार है। ब्राह्मण होना कोई अपराध नहीं है। हमारा लक्ष्य अपनी मांगों को सरकार तक और प्रधानमंत्री तक पहुंचाना है, हम यह काम करके रहेंगे। उनके साथ युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष मोहित उपाध्याय, जिला अध्यक्ष धर्मेश शर्मा, श्याम सुंदर शर्मा, प्रदीप शर्मा, रवि शर्मा आदि लोग थे।

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Author: krjnews

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