सुनील पाठक , गोरखपुर
गोरखपुर : 8 / सितम्बर / 2026 : कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी की ओर से प्रत्याशी बनने की दावेदारी को लेकर रविवार को निकाली गई रैली ने गोरखपुर-सोनौली हाईवे की यातायात व्यवस्था प्रभावित कर दी। पुलिस के अनुसार रैली के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी।
जंगल कौड़िया टोल प्लाजा के पास वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण हाईवे पर करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान एंबुलेंस समेत बड़ी संख्या में वाहन जाम में फंसे रहे।
जानकारी के अनुसार रैली की शुरुआत सुबह करीब नौ बजे पीपीगंज क्षेत्र के भरवल गांव से हुई।
रैली में सैकड़ों बाइक, दर्जनों कार और कई ट्रैक्टर शामिल थे। वाहनों का काफिला पीपीगंज बाईपास से जंगल कौड़िया की ओर बढ़ा और टोल प्लाजा के पास पहुंचने पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। एक लेन में वाहनों की भीड़ के चलते आवागमन रुक गया, जबकि दूसरी लेन पर भी वाहनों का दबाव बढ़ने से लंबी कतार लग गई।
मामले की सूचना मिलने पर पीपीगंज पुलिस मौके पर पहुंची और आयोजकों से रैली की अनुमति के संबंध में जानकारी मांगी। अनुमति नहीं होने पर पुलिस ने रैली समाप्त करने को कहा। इसी दौरान पुलिस के अनुसार कुछ समर्थकों की पुलिसकर्मियों से कहासुनी और हाथापाई की स्थिति भी बनी।

स्थिति को देखते हुए सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने रैली को समाप्त कराकर वाहनों को हटवाया, जिसके बाद हाईवे पर यातायात सामान्य हो सका। कार्रवाई के दौरान बिना नंबर के छह ट्रैक्टर और एक चार पहिया वाहन कब्जे में लिए गए। पुलिस के अनुसार एक नाबालिग भी ट्रैक्टर चलाते हुए मिला।
पीपीगंज थाने के उपनिरीक्षक मनीष गिरी की तहरीर पर पुलिस ने रैली के आयोजक साधु यादव, उनके भाई सुरेंद्र यादव समेत कुल 20 नामजद और 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों पर हत्या के प्रयास, बलवा, यातायात बाधित करने और पुलिसकर्मियों से विवाद समेत गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है।
नामजद आरोपियों में साधु यादव, सुरेंद्र यादव, शैलेश यादव, मुलायम यादव, विशाल यादव, सोनू यादव, अखिलेश यादव उर्फ भोला, जितेंद्र यादव, राजेश्वर मिश्रा, यूसुफ, गोरख मिश्रा, प्रमोद यादव, बबलू यादव, सतेंद्र यादव, अरविंद यादव, प्रभात यादव, जय हिंद यादव उर्फ गोलू, सत्यम यादव और सीडी यादव समेत अन्य शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि रैली से संबंधित वीडियो और फोटो के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी दी गई है।
सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने बताया कि रैली के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। यातायात बाधित करने और पुलिस के साथ अभद्रता अथवा विवाद करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। वहीं, एसडीएम आलोक रंजन ने भी रैली के लिए अनुमति नहीं होने की पुष्टि की है।
उधर, पुलिस की कार्रवाई के बाद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चिंता यादव तथा सपा नेताओं सुरेंद्र यादव और साधु यादव ने विरोध जताया। उन्होंने पैदल रैली निकालने की अनुमति देने की मांग की। इसको लेकर पुलिस और समर्थकों के बीच कुछ समय तक तनाव की स्थिति बनी रही।
रैली के कारण लगे जाम में एंबुलेंस भी फंस गईं। पुलिस ने रैली को हटवाकर यातायात बहाल कराया, जिसके बाद एंबुलेंस समेत अन्य वाहनों को आगे निकाला गया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम के वीडियो और फोटो जुटाकर मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
![]()
Author: krjnews
KRJ News एक विश्वसनीय हिंदी डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जिसका उद्देश्य पाठकों तक तेज़, निष्पक्ष और तथ्यपरक समाचार पहुँचाना है।










