नई दिल्ली : 23 / जुलाई / 2026 : वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर मुख्यालय में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में चार स्वदेशी तकनीकों को उद्योग को हस्तांतरित किया गया। इसके साथ ही आईओटी-सक्षम ग्रामीण जल सेवा वितरण, मापन एवं निगरानी प्रणाली को व्यावसायिक रूप से लॉन्च किया गया।
कार्यक्रम के दौरान स्वदेशी रक्षा तकनीकों के लाइसेंस प्राप्त उत्पादन के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), पंचकूला से प्राप्त 1.67 करोड़ रुपये की रॉयल्टी को भी मान्यता दी गई।

कार्यक्रम में सीएसआईआर की महानिदेशक एवं डीएसआईआर की सचिव डॉ. एन. कलाईसेल्वी सहित सीएसआईआर मुख्यालय, सीएसआईआर-सीएसआईओ और उद्योग जगत के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
सीएसआईआर-सीएसआईओ के निदेशक प्रो. शांतनु भट्टाचार्य ने प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और रॉयल्टी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए संस्थान के बढ़ते नवाचार और तकनीकी व्यावसायीकरण पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इंडक्शन मोटर स्टेथोस्कोप (एमस्कोप), पोर्टेबल एवं यूनिवर्सल मोटर-कम-पंप परफॉर्मेंस मॉनिटर (पीयू-एमपीपीएम) और आई-पावर क्वालिटी एनालाइजर (आईपीक्यूए) जैसी तकनीकों का लाइसेंस मेसर्स पंप एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड, बेंगलुरु को दिया गया है।
इसके अलावा एसयू-30 एयरक्राफ्ट प्रोग्राम के लिए हेड-अप डिस्प्ले (एचयूडी) के ऑप्टिकल मॉड्यूल और बीम कॉम्बिनेटर असेंबली भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), पंचकूला को हस्तांतरित की गई।
कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए किफायती आईओटी-सक्षम जल सेवा वितरण, मापन एवं निगरानी प्रणाली का व्यावसायिक लॉन्च भी किया गया। मेसर्स बायोमेट्री टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली यह तकनीक ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता, मात्रा और जल सेवा वितरण की प्रभावी निगरानी में मदद करेगी।
प्रो. भट्टाचार्य ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सीएसआईआर-सीएसआईओ को बीईएल, पंचकूला से स्वदेशी मिलिट्री एवियोनिक्स तकनीकों के लाइसेंस प्राप्त उत्पादन के लिए 1.67 करोड़ रुपये की रॉयल्टी प्राप्त हुई। इन तकनीकों में हेड-अप डिस्प्ले (एचयूडी), ड्रोग लाइट, टैक्सी लैंडिंग लाइट, एचयूडीआई लेवल टेस्टर और बोरसाइट अलाइनमेंट टूल शामिल हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. एन. कलाईसेल्वी ने सफल प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और व्यावसायीकरण के लिए सीएसआईआर-सीएसआईओ की टीम को बधाई दी। उन्होंने तकनीकी विकास में तेजी लाने, उद्योग साझेदारी बढ़ाने, बाहरी कैश फ्लो मजबूत करने और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को प्रभावी बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीकों का सफल व्यावसायीकरण सीएसआईआर के उस मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत शोध को ऐसे उत्पादों और प्रक्रियाओं में बदला जाता है, जो उद्योग के लिए उपयोगी होने के साथ-साथ समाज को भी ठोस लाभ पहुंचाएं।
उन्होंने सीएसआईआर नेटवर्क के वैज्ञानिकों से राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप प्रभावी एवं उद्योग-केंद्रित अनुसंधान जारी रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन सीएसआईआर-सीएसआईओ के बिजनेस डेवलपमेंट ग्रुप (बीडीजी) के प्रमुख द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
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Author: krjnews
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