नई दिल्ली : 23 / जुलाई / 2026 : भारतीय रेलवे ने रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने और यात्री व मालगाड़ियों की आवाजाही को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दक्षिण पूर्वी रेलवे के निंपुरा पश्चिम बाहरी केबिन और मिदनापुर के बीच 14.52 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर करीब 440 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
यह परियोजना उच्च उपयोग वाले एचयूएन-2 मार्ग का हिस्सा है। इस रेलखंड पर वर्तमान में यातायात का दबाव काफी अधिक है। निंपुरा पश्चिम आउटर केबिन से गोकुलपुर के बीच सिंगल लाइन वाले हिस्से पर दोहरीकरण का कार्य भी जारी है। तीसरी लाइन बनने के बाद इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने के साथ ट्रेनों के संचालन में भी अधिक लचीलापन आएगा।

यह रेल मार्ग यात्री परिवहन के साथ-साथ माल ढुलाई के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से लौह अयस्क, मैंगनीज, कोयला, कंटेनर, सीमेंट, स्टील, खाद्यान्न, पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक सहित कई आवश्यक वस्तुओं का परिवहन किया जाता है। वर्तमान में इस रेलखंड पर करीब 23.80 मिलियन टन प्रति वर्ष माल ढुलाई होती है और इसकी क्षमता उपयोग दर 115.71 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
तीसरी रेल लाइन के निर्माण से प्रतिवर्ष करीब 35 लाख टन अतिरिक्त माल ढुलाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे मालगाड़ियों की आवाजाही बेहतर होगी और यात्री ट्रेनों के संचालन में भी सुधार आएगा।
भारतीय रेलवे के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद रेल नेटवर्क पर भीड़भाड़ कम करने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और आवश्यक वस्तुओं की तेज आवाजाही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर से जुड़े उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
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Author: krjnews
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