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गोरखपुर में 70 वर्षीय सराफा कारोबारी की हत्या का खुलासा, उधारी के विवाद में वारदात; दो आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग हिरासत में

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सुनील पाठक , गोरखपुर

 

गोरखपुर : 27 / जुलाई / 2026 :  बेलीपार थाना क्षेत्र में 70 वर्षीय सराफा कारोबारी की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है तथा एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया है। घटना में प्रयुक्त चाकू, दोपहिया वाहन, पीली धातु के आभूषण और नकदी भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार हत्या की वजह उधार के पैसे का विवाद निकला है।

पुलिस अधीक्षक दक्षिणी के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी बांसगांव के पर्यवेक्षण में बेलीपार पुलिस, एसओजी, स्वाट, सर्विलांस और एंटी थेफ्ट सेल की संयुक्त टीम ने थाना बेलीपार पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 180/2026 धारा 103(1) बीएनएस से संबंधित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंशू दुबे (निवासी बुधनापार, थाना सिकरीगंज) और प्रिंस पांडेय (निवासी मलांव, थाना बेलीपार) के रूप में हुई है, जबकि एक नाबालिग को अभिरक्षा में लिया गया है। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2), 238, 309(4), 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है।

घटना 22 जुलाई 2026 की है, जब थाना क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। जांच के दौरान शव की पहचान बांसगांव क्षेत्र के धस्का भटास निवासी 70 वर्षीय रामलाल वर्मा के रूप में हुई, जो कटरा मलांव में सराफा की दुकान चलाते थे। मृतक के पुत्र की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी प्रिंस पांडेय का मृतक से पुराना परिचय था। वह अक्सर उन्हें बाइक से लाने-ले जाने में मदद करता था, जिससे परिवार भी उस पर भरोसा करता था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कारोबारी से बाइक खरीदने के नाम पर करीब एक लाख रुपये उधार लिए थे। जब कारोबारी ने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली।

घटना के दिन सुबह करीब 9 बजे रामलाल वर्मा घर से दुकान के लिए निकले थे। रास्ते में कसिहार ऑटो स्टैंड के पास आरोपी प्रिंस पहले से मौजूद था। उसने लिफ्ट देने के बहाने कारोबारी को बाइक पर बैठा लिया। कुछ दूरी पर उसका साथी अंशू भी बाइक पर सवार हो गया। इसके बाद आरोपियों ने कारोबारी को भगवान राम के दर्शन कराने के बहाने कनइल-कसिहार बांध के पास स्थित एक सुनसान मंदिर की ओर ले गए, जहां पहले से अन्य साथी मौजूद थे।

मौके पर पहुंचते ही अंशू ने पीछे से कारोबारी के हाथ पकड़ लिए और प्रिंस ने चाकू से उनकी गर्दन पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपियों ने शव को करीब 500 मीटर तक घसीटकर राप्ती नदी में फेंक दिया और फरार हो गए।

शाम करीब 5 बजे ग्रामीणों ने नदी में शव उतराता देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने शव को बाहर निकलवाया। घटनास्थल से खून के निशान, शराब की बोतलें, पानी की बोतल और मृतक की चप्पल बरामद हुई। बाद में दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसमें चाकू से हत्या की पुष्टि हुई।

मृतक के पुत्र संजय वर्मा ने पुलिस को बताया कि उनके पिता सोने की चेन और अंगूठी पहनते थे तथा उनके पास नकदी और आभूषण भी रहते थे, जो घटना के बाद गायब मिले। इस आधार पर लूट के बाद हत्या की आशंका जताई गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपी कारोबारी को बाइक पर ले जाते हुए दिखाई दिए। इसी साक्ष्य के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू, दोपहिया वाहन, पीली धातु की चेन, अंगूठी, लॉकेट तथा 6595 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है और शीघ्र ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस घटना के खुलासे से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पूरे मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।

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Author: krjnews

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