नई दिल्ली : 10 / अप्रैल / 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धैर्य, संयम और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व पर बल देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में जल्दबाज़ी के बजाय शांत मन से विचार करना ही सफलता और सही निर्णय का मार्ग प्रशस्त करता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना धैर्य और विवेक के साथ करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति परिस्थितियों को समझकर निर्णय लेता है, वही आगे बढ़ता है और सफलता प्राप्त करता है।

प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए संस्कृत सुभाषितम् का आशय है कि मनुष्य को विपरीत समय में भी संयम नहीं खोना चाहिए। धैर्य और गंभीर चिंतन से ही कठिन से कठिन समस्याओं का समाधान संभव है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के तेज़ और प्रतिस्पर्धी दौर में भी धैर्य, आत्मसंयम और सकारात्मक सोच की आवश्यकता पहले से अधिक है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे हर परिस्थिति में शांतचित्त रहकर निर्णय लें और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ें।
![]()
