गाजियाबाद : 8 / जून / 2026 : नगर निगम संचालित गौशाला में गौवंशों की देखभाल और उपचार व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गौशाला से सामने आई कुछ तस्वीरों और स्थानीय लोगों के आरोपों के बाद पशुओं की स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठने लगे हैं। पशु प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का दावा है कि कई बीमार गौवंशों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा, जिससे उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
आरोप है कि गौशाला में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की कमी के कारण बीमार पशुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

पशु कल्याण से जुड़े संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि गौशालाओं का मुख्य उद्देश्य बेसहारा और बीमार पशुओं को सुरक्षित आश्रय और बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।
संगठनों ने प्रशासन से गौशाला की व्यवस्थाओं की समीक्षा, पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण, दवाओं की उपलब्धता और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही यदि कहीं लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग उठाई गई है।

फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों और पशु प्रेमियों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच और प्रशासनिक प्रतिक्रिया के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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