नई दिल्ली : 29 / जून / 2026 : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में सोमवार को यमुना जल परियोजना के निर्माण और क्रियान्वयन को लेकर हरियाणा और राजस्थान सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते को दोनों राज्यों की करीब 30 वर्ष पुरानी पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
समझौते के अवसर पर अमित शाह ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘संवाद से समाधान’ और ‘सहकारी संघवाद’ के मंत्र का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हरियाणा, राजस्थान और जल शक्ति मंत्रालय ने आपसी समन्वय से लंबे समय से लंबित इस मुद्दे का समाधान निकालकर सहयोगात्मक संघवाद की भावना को मजबूत किया है।

इस समझौते के लागू होने के बाद राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनू तथा हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद जिलों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुदृढ़ होगी। साथ ही, बारिश के उस पानी का भी बेहतर उपयोग किया जाएगा जो अब तक व्यर्थ बह जाता था। यह पानी लोगों की प्यास बुझाने के साथ-साथ बड़े जलाशयों में संग्रहित होकर भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायक होगा।
अमित शाह ने कहा कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के नेतृत्व में कम समय में इस जटिल मुद्दे का समाधान निकाला गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि तैयार किया गया यह समझौता आने वाले कई दशकों तक विवाद रहित और दोनों राज्यों के लिए लाभकारी साबित होगा।
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