ग्रेटर नोएडा : 15 / जुलाई / 2026 : स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और दवा व चिकित्सा उपकरण क्षेत्र के नियामक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी) और उत्तर प्रदेश फार्मा काउंसिल (यूपीपीपीसी) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह समझौता 14 जुलाई 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित वाईईआईडीए मेडटेक इन्वेस्टर्स मीट एंड साइट विजिट-2026 के दौरान संपन्न हुआ।

इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र को गुणवत्ता, नवाचार और नियामक उत्कृष्टता के माध्यम से नई मजबूती प्रदान करना है। दोनों संस्थाएं मिलकर दवा और चिकित्सा उपकरण उद्योगों में गुणवत्ता मानकों तथा नियामक अनुपालन को बढ़ावा देंगी।
समझौते के तहत भारतीय औषध संहिता, औषध सतर्कता (फार्माकोविजिलेंस) और पदार्थ सतर्कता (मैटेरियोविजिलेंस) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
एमएसएमई इकाइयों को प्रतिकूल घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, वहीं गुणवत्ता आश्वासन और बाजार में बिक्री के बाद निगरानी तंत्र को मजबूत कर मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इस अवसर पर कहा गया कि यह एमओयू भारत में उच्च गुणवत्ता वाले स्वास्थ्य सेवा मानकों को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और नियामक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। साथ ही इससे उत्तर प्रदेश को फार्मास्युटिकल, मेडिकल डिवाइस और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
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Author: krjnews
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