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संसद में भगवा पहनने पर विवाद, डॉ. सीतारमन रमा शास्त्री ने जताई आपत्ति

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नई दिल्ली  : 2 / अगस्त / 2026 :  विश्व हिंदू परिषद के धर्माचार्य प्रमुख, गौ रक्षा मठ मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ से जुड़े तथा दक्षिण भारतीय तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम, अशोका रोड, नई दिल्ली के मुख्य अर्चक पुजारी डॉ. सीतारमन रमा शास्त्री ने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा संसद परिसर में भगवा वस्त्र धारण किए जाने को लेकर आपत्ति जताई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भगवा वस्त्र सनातन परंपरा में त्याग, तपस्या और वैराग्य का पवित्र प्रतीक है और इसका राजनीतिक प्रदर्शन के लिए उपयोग धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकता है।

डॉ. सीतारमन रमा शास्त्री ने कहा कि धार्मिक प्रतीकों और सनातन परंपराओं का सम्मान सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद परिसर में भगवा वस्त्र धारण कर किया गया प्रदर्शन धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है और इसे राजनीतिक लाभ लेने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रतीकों को राजनीतिक मंचों पर इस प्रकार प्रस्तुत करने से बचना चाहिए।

उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर जंतर-मंतर पर साधु-संतों और सनातन समाज के साथ विरोध प्रदर्शन एवं धरना आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि साधु-संत समाज सनातन परंपराओं और धार्मिक प्रतीकों के सम्मान को लेकर अपनी आवाज उठाएगा।

डॉ. सीतारमन रमा शास्त्री ने यह भी आरोप लगाया कि यह घटना आकस्मिक न होकर सुनियोजित प्रतीत होती है। उनके अनुसार, सनातन परंपराओं से जुड़े प्रतीकों का इस प्रकार उपयोग राजनीतिक लाभ प्राप्त करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने संबंधित प्रकरण में उचित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि धार्मिक भावनाओं और सनातन संस्कृति से जुड़े प्रतीकों की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।

डॉ. सीतारमन रमा शास्त्री ने स्वयं को भारत के प्रथम गो वैज्ञानिक ज्योतिष आचार्य बताते हुए कहा कि उन्हें दो बार राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि साधु-संत समाज सनातन परंपराओं के सम्मान और धार्मिक प्रतीकों की गरिमा बनाए रखने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखेगा।

उन्होंने कहा कि भगवा वस्त्र केवल पहनावा नहीं, बल्कि भारतीय सनातन परंपरा में त्याग, तपस्या और वैराग्य की भावना का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इससे जुड़े विषयों को संवेदनशीलता और मर्यादा के साथ देखा जाना चाहिए।

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Author: krjnews

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