सुनील पाठक , गोरखपुर
गोरखपुर : 31 / अगस्त / 2026 : क्रांतिकारी सोच, प्रखर वक्तृत्व कला तथा सौम्य एवं मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी लोकप्रिय नेता एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय रवीन्द्र सिंह की पुण्यतिथि पर रविवार को गोरखपुर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पूर्व छात्र नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं उनके समर्थकों ने पहुंचकर अपने प्रिय नेता को नमन किया।
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन परिसर स्थित स्वर्गीय रवीन्द्र सिंह की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की।

इसके बाद पूर्व विधायक बस्ती सदर राजमणि पांडेय, पूर्व विधायक सहजनवा शीतल पांडेय, समाजवादी जनता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामजी त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष राम सिंह, राधेश्याम सिंह, भानू प्रताप सिंह, आदित्य प्रताप सिंह ‘आशु’, अजय सिंह ‘टप्पू’, योगेश प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इसके बाद शाम चार बजे टाउन हॉल स्थित रवीन्द्र भवन में शहीद नेता रवीन्द्र सिंह की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष विश्वकर्मा द्विवेदी ने की, जबकि मंच का संचालन शहीद रवीन्द्र सिंह के भांजे एवं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सत्यपाल पाल ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय रवीन्द्र सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि रवीन्द्र सिंह क्रांतिकारी सोच के धनी, प्रखर वक्ता और सरल एवं मृदुभाषी व्यक्तित्व के कारण जनप्रिय नेता थे। उनका व्यक्तित्व और विचार आज भी लोगों को प्रेरणा देते हैं।
पूर्व सांसद देवरिया डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने कहा कि रवीन्द्र सिंह ने छात्र जीवन से ही समाज के विभिन्न पहलुओं पर पैनी नजर रखते हुए राष्ट्रहित और देशभक्ति की भावना को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि रवीन्द्र सिंह को गोरखपुर विश्वविद्यालय और लखनऊ विश्वविद्यालय दोनों के छात्रसंघ अध्यक्ष रहने का गौरव प्राप्त हुआ, जो उनके नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।

पूर्व विधायक बस्ती सदर राजमणि पांडेय ने भावुक होते हुए कहा कि रवीन्द्र सिंह के निधन से उन्होंने अपना भाई खो दिया। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच खून का रिश्ता भले ही नहीं था, लेकिन आत्मीयता और संबंध सगे भाइयों से भी बढ़कर थे। रवीन्द्र सिंह अपने पीछे अपनी विचारधारा और उस विचारधारा से जुड़े लोगों की लंबी जमात छोड़ गए हैं।
विधायक सहजनवा प्रदीप शुक्ला ने कहा कि स्वर्गीय रवीन्द्र सिंह अपनी ओजस्वी कार्यशैली और संघर्षशील व्यक्तित्व के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। कमजोरों और पीड़ितों के अधिकारों की लड़ाई के लिए जिस तरह वह सड़क पर उतरते थे, वह उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान देता था।
पूर्व विधायक सहजनवा शीतल पांडेय ने कहा कि रवीन्द्र सिंह उनके लिए केवल मित्र नहीं बल्कि गुरु के समान थे। उन्होंने कहा कि आज भी वह उनके दिखाए रास्ते पर निर्भीकता के साथ चलने का प्रयास करते हैं।

समाजवादी जनता पार्टी-चंद्रशेखर के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामजी त्रिपाठी ने कहा कि वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान रवीन्द्र सिंह ने युवाओं में देशसेवा की भावना जागृत करने का कार्य किया और युवाओं को संगठित कर राष्ट्रहित में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि विदेशों में भी भारतीय युवाओं के प्रतिनिधित्व से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भूमिका रही।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्वर्गीय रवीन्द्र सिंह के संघर्ष, विचारधारा, छात्र राजनीति में योगदान और समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के लिए किए गए कार्यों को याद किया। सभी ने कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
श्रद्धांजलि सभा में डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, प्रदीप शुक्ला, राजमणि पांडेय, शीतल पांडेय, विश्वकर्मा द्विवेदी, श्यामजी त्रिपाठी, राधेश्याम चन्द, श्रवण सिंह, मनीष सिंह, पंकज सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, गुलाब ध्वज सिंह, भानू प्रताप सिंह, राधेश्याम सिंह, राम सिंह, रमेश चन्द्र गुप्ता, बीरेन्द्र विक्रम सिंह, विनोद श्रीवास्तव, ओम नारायण पांडेय सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने शहीद रवीन्द्र सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनकी विचारधारा और संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
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Author: krjnews
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