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लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज की तैयारियों को लेकर डीएम ने की बैठक , परंपरा, भव्यता और गरिमा के साथ होंगे आयोजन, सुरक्षा में तैनात होंगे करीब 1,000 पुलिसकर्मी

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हाथरस : 10 / सितम्बर / 2026 :   17 सितंबर 2026 यानी बल्देव छठ से शुरू होने वाले ब्रज क्षेत्र के प्रसिद्ध एवं आस्था के प्रतीक 115वें तृतीय प्रांतीय लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज के भव्य आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कलेक्ट्रेट सभागार में मेला संयोजकों एवं समन्वयकों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सभी कार्यक्रमों को परंपरागत, भव्य एवं गरिमापूर्ण तरीके से आयोजित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि श्री दाऊजी महाराज का मेला जनपद की आस्था, संस्कृति, परंपरा और गौरव से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। मेले की पहचान केवल भव्यता से नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं, बेहतर व्यवस्थाओं, अनुशासन और सुरक्षित वातावरण से भी होती है। उन्होंने सभी संबंधित लोगों से पूरी जिम्मेदारी और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की।

उन्होंने बताया कि मेले का शुभारंभ गणेश चतुर्थी के अवसर पर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना के साथ होगा, जबकि बल्देव छठ से मेले का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। डीएम ने सभी आयोजकों को अपने-अपने कार्यक्रमों की समयबद्ध कार्ययोजना प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जा सकें।

दंगल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर विशेष नजर

बैठक में डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी कार्यक्रम में अनुशासनहीनता अथवा सुरक्षा व्यवस्था से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दंगल आयोजनों में किसी तरह की अव्यवस्था, विवाद या अमर्यादित व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।

धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अश्लील अथवा आपत्तिजनक गीतों और राजनीतिक प्रचार से पूरी तरह परहेज करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि मंच कलाकारों की प्रस्तुति के लिए है, इसलिए अनावश्यक स्वागत-सम्मान में कार्यक्रम का समय खराब न किया जाए। कलाकारों को निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।
डीएम ने मेला संयोजकों से मेले की प्रतिष्ठा और गरिमा को बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

श्रद्धालुओं की सुविधाओं में किया गया सुधार

जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में प्राप्त सुझावों के आधार पर इस बार मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं में कई सुधार किए गए हैं। मीना बाजार के निकास मार्ग को सुगम बनाया गया है। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए जूता-चप्पल रखने की व्यवस्था, शेड और टोकन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

करीब 1,000 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा

पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि श्री दाऊजी महाराज मेला आस्था, परंपरा और संस्कृति से जुड़ा धार्मिक महोत्सव है। मेले को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस, प्रशासन और मेला संयोजकों को टीम भावना के साथ काम करना होगा।
उन्होंने पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की व्यवस्था करने तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ नारी सम्मान का विशेष ध्यान रखने की अपील की। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

एसपी ने बताया कि मेले की सुरक्षा व्यवस्था में करीब 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है, जिसमें लगभग 300 महिला पुलिसकर्मी शामिल होंगी। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर पुलिस बल और पुलिस चौकियों की संख्या आवश्यकता के अनुसार बढ़ाई जाएगी। मेले से पहले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सॉफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
120 एआई कैमरों से होगी निगरानी

अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) प्रशांत तिवारी ने मेले की तैयारियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत पूरे मेला क्षेत्र में 120 एआई कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की निगरानी तीन एलईडी स्क्रीन के माध्यम से की जाएगी, जिससे संदिग्ध गतिविधियों और भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
श्रद्धालुओं को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मेला क्षेत्र के 14 प्रमुख स्थानों पर वाटर कूलर लगाए जाएंगे।

9 जोन और 9 सेक्टर में बांटा गया मेला क्षेत्र

अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा ने कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की जानकारी देते हुए रूट डायवर्जन सहित अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अश्लीलता अथवा निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि में साउंड सिस्टम का प्रयोग पाए जाने पर संबंधित आयोजक की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

उन्होंने बताया कि संपूर्ण मेला क्षेत्र को 9 जोन और 9 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में सुरक्षा, यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी की जाएगी।
बैठक में जिला विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, मेला संयोजक एवं समन्वयक सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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Author: krjnews

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