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दाऊजी मेले को अफसरों ने बनाया लूट का जरिया, भाजपा के इशारे पर कांग्रेस की अनदेखी का आरोप

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हाथरस  : 19 / सितम्बर / 2026 :   हाथरस जिले के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध श्री दाऊजी महाराज मेले को लेकर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पं॰ विवेक उपाध्याय ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मेले की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता के बजाय मनमानी और राजनीतिक भेदभाव दिखाई दे रहा है।

पं॰ विवेक उपाध्याय ने कहा कि वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार हाथरस जिले के प्रमुख राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों को श्री दाऊजी महाराज मेले में आमंत्रित किया जाता रहा है। इस वर्ष अन्य राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों को निमंत्रण दिया गया, लेकिन कांग्रेस के जिला अध्यक्ष को निमंत्रण नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मेला सरकारी और सर्वसमाज का आयोजन है, तो कांग्रेस के साथ यह भेदभाव क्यों?

उन्होंने कहा, “दाऊजी महाराज किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और हाथरस की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहचान का केंद्र है। मेले को राजनीतिक पक्षपात से ऊपर रखा जाना चाहिए।”

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर प्रशासन द्वारा कांग्रेस की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि निमंत्रण न देना महज एक औपचारिकता का मामला नहीं है, बल्कि यह प्रशासन की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मर्यादा पर सवाल खड़ा करता है।

पं॰ विवेक उपाध्याय ने मेले की व्यवस्थाओं और आर्थिक गतिविधियों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मेले में हुए विभिन्न ठेकों, आवंटनों, दुकानों, पार्किंग, मनोरंजन एवं अन्य आयोजनों की पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी जांच और स्वतंत्र ऑडिट कराया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि यदि सभी आवंटनों और ठेकों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो व्यवस्थाओं में हुई कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि यदि मेले में सब कुछ नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से हुआ है, तो सभी ठेकों और आवंटनों का सार्वजनिक विवरण तथा ऑडिट कराने में आपत्ति क्यों होनी चाहिए?

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि श्री दाऊजी महाराज का मेला हाथरस की पहचान और ब्रज की सांस्कृतिक विरासत है। इसे किसी दल विशेष के राजनीतिक प्रभाव का केंद्र बनाने के बजाय सभी वर्गों और सभी राजनीतिक दलों के लिए समान सम्मान और सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कांग्रेस के जिला अध्यक्ष को परंपरा के अनुरूप निमंत्रण देने के संबंध में स्थिति स्पष्ट की जाए तथा मेले के सभी प्रमुख ठेकों, आवंटनों और आयोजनों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच/ऑडिट कराई जाए।

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Author: krjnews

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