गाजियाबाद : 2 / अक्टूबर / 2026 : पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गाजियाबाद के निर्देशन में अपराध शाखा गाजियाबाद ने साइबर ठगी और अंतरराष्ट्रीय सेक्सटॉर्शन के मामले का खुलासा करते हुए बैंक खाते खरीदकर साइबर अपराध करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों मोहम्मद फैसल, मोहम्मद अमान त्यागी, मोहम्मद हम्माद त्यागी और मोहम्मद फैजान मलिक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, चार बैंक खाता किट, पांच सिम कार्ड और 2,600 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ और जांच के दौरान अब तक कुल 6 करोड़ 58 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के पोर्टल पर जांच के दौरान दिल्ली-एनसीआर सहित देश के विभिन्न राज्यों से इस गिरोह के संबंध में कुल 40 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
कनाडा में रहने वाले एनआरआई को बनाया निशाना: पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्यों ने कनाडा में रहने वाले एक एनआरआई को निशाना बनाया था। आरोपियों ने फेसबुक पर नवप्रीत कौर के नाम से फर्जी फेसबुक पहचान बनाई और फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से पीड़ित से संपर्क किया।
वीडियो कॉल के दौरान बनाई गई रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल कर कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक से आपत्तिजनक वीडियो तैयार किया गया। इसके बाद पीड़ित को लगातार ब्लैकमेल करते हुए 50 हजार अमेरिकी डॉलर की मांग की गई। रकम नहीं देने पर तैयार की गई आपत्तिजनक कृत्रिम बुद्धिमत्ता वीडियो को सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित करने की धमकी दी गई।
रकम मंगाने के लिए आरोपियों ने गाजियाबाद के आरडीसी स्थित एक बैंक शाखा में संचालित खाते की जानकारी पीड़ित को भेजी थी। पीड़ित द्वारा गाजियाबाद पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपी गई।
बैंक खाते खरीदकर तैयार करते थे साइबर ठगी का नेटवर्क: पूछताछ में आरोपी मोहम्मद फैसल, निवासी पुन्हाना, नूंह मेवात, हरियाणा ने बताया कि वह अपने साथियों मारूफ, अमान त्यागी और मोहम्मद हम्माद, निवासी मुजफ्फरनगर, के साथ मिलकर लोगों से बैंक खाते खरीदते थे।
इसके बाद एक व्हाट्सऐप समूह बनाकर खरीदे गए सभी बैंक खातों की जानकारी उसमें साझा की जाती थी। गिरोह के सदस्य देश और विदेश में रहने वाले लोगों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार की गई आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करते थे और उनसे रकम की मांग करते थे।
रकम नहीं देने पर वीडियो को सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित करने की धमकी दी जाती थी।खाताधारकों को खाता उपलब्ध कराने के बदले देते थे 15 हजार रुपये: पुलिस के अनुसार, गिरोह द्वारा खरीदे गए बैंक खातों में ठगी की रकम मंगाई जाती थी।
रकम खाते में पहुंचते ही आरोपी उसे निकाल लेते थे और आपस में बांट लेते थे। बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले खाताधारक को खाता लेते समय 15 हजार रुपये दिए जाते थे। जिस खाते पर अधिक शिकायतें आने लगती थीं, उसका इस्तेमाल बंद कर दिया जाता था। आरोपियों द्वारा खाताधारकों और उनके बैंक खातों से संबंधित जानकारी व्हाट्सऐप बातचीत में सुरक्षित रखी जाती थी।
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर भी करते थे ठगी: पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह केवल सेक्सटॉर्शन तक सीमित नहीं था, बल्कि शेयर बाजार में निवेश के नाम पर भी लोगों से साइबर ठगी करता था। आरोपियों द्वारा डेल्टा एल्बो नामक अनुप्रयोग के माध्यम से कारोबार और निवेश के नाम पर लोगों को रकम लगाने के लिए प्रेरित किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, इस तरह की ठगी से संबंधित साक्ष्य गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन में मिले हैं। कनाडा के एनआरआई से की गई कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग की घटना से संबंधित साक्ष्य भी आरोपियों के मोबाइल फोन में पाए गए हैं।वर्ष 2023 से सक्रिय था गिरोह: पुलिस के अनुसार, गिरोह वर्ष 2023 से सक्रिय था और अब तक देश के विभिन्न राज्यों में रहने वाले लोगों से कुल 6 करोड़ 58 लाख रुपये की साइबर ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के पोर्टल पर जांच के दौरान दिल्ली-एनसीआर सहित विभिन्न राज्यों से गिरोह के खिलाफ कुल 40 शिकायतें दर्ज मिली हैं। गिरफ्तार आरोपियों के संबंध में आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
कार्रवाई में अपराध शाखा गाजियाबाद के साथ साइबर अपराध थाना टीम भी शामिल रही।गिरफ्तार आरोपियों का विवरण: 1. मोहम्मद फैसल पुत्र असगर, निवासी मॉडर्न हाईस्कूल के पास, पुन्हाना, थाना पुन्हाना, जनपद नूंह मेवात, हरियाणा।
2. मोहम्मद अमान त्यागी पुत्र नदीम त्यागी, निवासी मकान संख्या 60/2, ग्राम सरवट, थाना सिविल लाइन, जनपद मुजफ्फरनगर, उम्र करीब 25 वर्ष। 3. मोहम्मद हम्माद त्यागी पुत्र तंजीम त्यागी, निवासी गली नंबर 2, ग्राम सरवट, थाना सिविल लाइन, जनपद मुजफ्फरनगर, उम्र करीब 20 वर्ष। 4. मोहम्मद फैजान मलिक पुत्र इमरान, निवासी मोहल्ला सुभाष नगर, ग्राम सरवट, थाना सिविल लाइन, जनपद मुजफ्फरनगर, उम्र करीब 22 वर्ष।बरामदगी: पांच मोबाइल फोन, चार बैंक खाता किट, पांच सिम कार्ड और 2,600 रुपये नकद बरामद किए गए है।
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Author: krjnews
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