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पिता की जमीन पर अब नहीं होगा भेदभाव, शादीशुदा बेटियों को भी मिलेगा बराबरी का हक

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 11 / सितम्बर / 2025 : यूपी मे योगी सरकार लेने जा रही है बड़ा फैसला। यूपी मे योगी सरकार की एक नयी पहल देखने को मिल रही है हम आपको बता दे की । उत्तर प्रदेश की महिलाओं के अधिकारों को लेकर एक बड़ा बदलाव होने वाला है। राज्य सरकार ने शादीशुदा बेटियों को पिता की कृषि भूमि में बराबर हिस्सेदारी देने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है, जिससे पिछले भेदभावपूर्ण प्रावधानों को समाप्त किया जाएगा. अब तक शादीशुदा बेटियों को अपने पिता की खेती की जमीन (कृषि भूमि) में हिस्सा नहीं मिलता था, लेकिन बताया जा रहा है कि अब यह व्यवस्था बदल सकती है। राजस्व परिषद ने इस बदलाव के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे इस महीने सरकार को भेजा जाएगा। आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 108(2) के तहत अगर किसी पुरुष के निधन के बाद उसकी जमीन का नामांतरण किया जाता है, तो वह केवल उसकी विधवा पत्नी, बेटे और अविवाहित बेटियों के नाम पर होता है। शादीशुदा बेटियों को इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाता। इस प्रावधान को लंबे समय से भेदभावपूर्ण माना जा रहा था और इसके संशोधन की मांग उठती रही है।
सूत्रों के अनुसार, नए प्रस्ताव में ‘विवाहित’ और ‘अविवाहित’ जैसे शब्दों को धारा 108 से हटाने का सुझाव दिया गया है। इसका मतलब ये होगा कि शादीशुदा बेटियों को भी पिता की कृषि भूमि में उतना ही अधिकार मिलेगा, जितना बेटों और अविवाहित बेटियों को मिलता है। जमीन की विरासत तय करते समय बेटी की शादी की स्थिति कोई फर्क नहीं डालेगी। मृतक की बहनों को भी बराबरी का हक देने की बात की जा रही है। अगर हम बात करे तो अन्य राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में शादीशुदा बेटियों को पहले से ही पिता की खेती की जमीन में बराबर का अधिकार मिलता है। यूपी सरकार का यह कदम भी महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता की दिशा में माना जा रहा है। आपको बता दे कि आगे कि प्रक्रिया जो इस फैसले को लेकर है वह यह है कि राजस्व परिषद द्वारा तैयार किया गया प्रस्ताव पहले राज्य सरकार (शासन) को भेजा जाएगा। वहां से यह कैबिनेट में जाएगा, फिर विधानसभा और विधान परिषद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। देखा जाये तो यह फैसला , महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है इस बदलाव से शादीशुदा बेटियों को उनके हक का अधिकार मिलेगा, और उन्हें पिता की संपत्ति में सिर्फ शादी की वजह से वंचित नहीं किया जा सकेगा। यह कदम महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और समानता को बढ़ावा देगा।

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Author: krjnews

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