लखनऊ : : 21 / जनवरी / 2026 : ललितपुर के करीला गांव में पहली बार एक बिटिया 10वीं पास हुई है, जिसका नाम नेहा है। नेहा की बहन राखी भी इस बार 10वीं की परीक्षा देगी। दोनों बहनें शिक्षक बनना चाहती हैं ताकि वे गांव की अन्य बेटियों को पढ़ा सकें। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांव में शिक्षा का अभाव था, लोग 8वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देते थे। नेहा की मां ने बताया कि गांव के लोग 10वीं पास करने पर ताने मारते थे, लेकिन उन्होंने अपनी बेटियों को प्रोत्साहित किया। करीला गांव में सहरिया जाति के लोग रहते हैं, जिनकी साक्षरता दर कम है। 2011 की जनगणना के अनुसार, सहरिया जाति की महिला साक्षरता दर 50.84% है। नेहा ने 65 प्रतिशत अंक के साथ हाईस्कूल पास कर 11वीं में दाखिला लिया है। उसकी बहन राखी हाईस्कूल में है और बहन से ज्यादा अंक लाने के प्रयास में जुटी है। नेहा बताती है कि बस्ती की करीब 25 बच्चियां भी पढ़ाई करें। वह शाम को निशुल्क ट्यूशन पढ़ाना चाहती है, लेकिन बच्चियों के परिवार के लोग राजी नहीं है। फिर भी दो चार आ जाती हैं। नेहा और राखी के पिता चाहते थे कि दोनों खेत में काम करें। पढ़ने में मां ने साथ दिया।

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Author: krjnews
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