बुलन्दशहर : 11 / फरवरी / 2026 : बुलंदशहर में सरकारी व्यवस्था में चल रही लापरवाही और फर्जीवाड़े की घटना सामने आई है। जो एक बड़ी मिसाल बनकर उभरी है। स्याना क्षेत्र के उप परिवहन आयुक्त मेरठ मंडल से मान्यता प्राप्त राजा मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में मुर्दे को ई-रिक्शा चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इतना ही नहीं, ट्रेनिंग पूरी होने के बाद बाकायदा मृत व्यक्ति के नाम पर सर्टिफिकेट भी जारी किया है। यह स्कूल ट्रक, बस, कार और ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देता है। ड्राइविंग स्कूल ने 10 अगस्त 2025 को शेखुपुर रौरा निवासी सुखवीर के नाम ई-रिक्शा की 10 दिवसीय ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट जारी किया था।
सर्टिफिकेट में साफ लिखा गया कि सुखवीर ने 01 अगस्त से 10 अगस्त 2025 तक प्रशिक्षण लिया है। जारीकर्ता इमरान ने यह भी प्रमाणित किया कि वह सुखवीर की ड्राइविंग क्षमता और शारीरिक फिटनेस से पूरी तरह संतुष्ट है। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है। जिस सुखवीर को ट्रेनिंग देने का दावा किया जा रहा है, उसकी 01 मार्च 2025 को सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। इतना ही नहीं, 21 अप्रैल 2025 को जिला अस्पताल द्वारा उसका डेथ सर्टिफिकेट भी जारी किया जा चुका है। अब सवाल ये है कि जो व्यक्ति ज़िंदा ही नहीं था, उसे 10 दिन तक ट्रेनिंग किसने दी? ट्रेनिंग सर्टिफिकेट कैसे जारी हुआ, और सबसे बड़ा सवाल RTO (ट्रेनिंग) मेरठ के काउंटर साइन आखिर किस आधार पर हुए?
इस पूरे मामले में न सिर्फ ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल, बल्कि परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला सामने आने के बाद ARTO बुलंदशहर ने आरोपित ट्रेनिंग स्कूल के प्रबंधक को नोटिस जारी कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जवाब मिलने के बाद आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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Author: krjnews
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