नई दिल्ली : 23 / मार्च / 2026 : प्रधानमंत्री ने देश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, कृषि और औद्योगिक जरूरतों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक में कई अहम निर्देश दिए। बैठक में किसानों के लिए उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर चर्चा की गई, ताकि भविष्य में उनकी निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक आयात के स्रोतों में विविधता लाने पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए नए निर्यात बाजार विकसित करने की योजना पर विचार किया गया। कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा अब तक उठाए गए तथा नियोजित राहत उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सभी प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश में समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई।

पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। बैठक में भारत पर इसके प्रभाव का आकलन किया गया और तत्काल तथा दीर्घकालिक, दोनों तरह के जवाबी उपायों पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिए कि सरकार के सभी विभाग मिलकर काम करें, ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने मंत्रियों और सचिवों का एक समूह गठित करने को कहा, जो ‘संपूर्ण सरकार’ दृष्टिकोण के तहत समन्वय बनाकर काम करेगा। इसके अलावा क्षेत्रीय समूहों को सभी हितधारकों के साथ परामर्श कर कार्य करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि जरूरी वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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Author: krjnews
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