बुलन्दशहर/खुर्जा / ०२ जून २०२६ उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) जवान के साथ हुई बदसलूकी और प्रशासनिक लापरवाही का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद (तहसील खुर्जा) ने गहरा रोष व्यक्त किया है। परिषद ने सूबे के मुख्यमंत्री को एक शिकायती पत्र भेजकर मामले में तत्काल स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। यह पत्र उपजिलाधिकारी (SDM) खुर्जा के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रेषित किया गया।
अस्पताल और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
परिषद के सदस्यों का आरोप है कि स्थानीय अस्पताल और पुलिस प्रशासन की घोर लापरवाही के चलते पीड़ित जवान को समय पर उचित इलाज और न्याय नहीं मिल पा रहा है। पत्र में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया है कि कुछ भ्रष्ट अधिकारी अपनी मनमानी कार्यप्रणाली से सरकार की साफ-सुथरी छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें चिन्हित करना बेहद जरूरी है।

कमांडेंट गौरव प्रसाद के प्रयासों की सराहना
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, पत्र में कमांडेंट श्री गौरव प्रसाद द्वारा तत्परता दिखाते हुए पुलिस कमिश्नर से सीधी वार्ता करने और जवान के पक्ष में खड़े होने के कदम को बेहद सराहनीय और स्वागत योग्य बताया गया है।
“लोकतंत्र में जनता की आवाज ही सर्वोपरि होती है। हमें पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री जी के न्यायवादी और यशस्वी नेतृत्व में पीड़ित जवान को न्याय मिलेगा और आम जनता का प्रशासन पर भरोसा बहाल होगा।”
— अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, खुर्जा
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