खुर्जा : 12 / जून / 2026 : खुर्जा तहसील क्षेत्र के गांव नगला शेखू में चकबंदी के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों ने तहसील के SDM ऑफिस पर धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि चकबंदी पर चर्चा के लिए उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गांव में बैठक बुलाई गई थी, लेकिन निर्धारित समय पर कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने बताया कि तीन दिन पहले तहसील प्रशासन की ओर से सूचना दी गई थी कि चकबंदी के विषय पर गांव में एक बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता उप जिलाधिकारी करेंगी और चकबंदी से संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। बैठक में सभी ग्रामीणों के सामने इस बात पर चर्चा होनी थी कि गांव में चकबंदी की आवश्यकता है या नहीं।

बैठक के दिन ग्रामीण सुबह से ही गांव में SDM का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई भी अधिकारी नहीं आया। इसके बाद गुस्साए ग्रामीण खुर्जा तहसील के SDM ऑफिस पहुंच गए और धरने पर बैठ गए।
धरने के दौरान ग्रामीण झम्मन सिंह ने बताया कि गांव में पिछले 3 साल से चकबंदी का प्रकरण चल रहा है। गांव के 90% लोग चकबंदी नहीं चाहते, जबकि सिर्फ 10% लोग ही इसके पक्ष में हैं।
झम्मन सिंह ने कहा, “1965 में जो चकबंदी हुई थी उसे गांव के लोग स्वीकार कर रहे हैं। अब नई चकबंदी जबरदस्ती थोपी जा रही है, जिसे हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
धरना प्रदर्शन के समय उप जिलाधिकारी प्रतीक्षा पांडे अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थीं। तहसील में तहसीलदार भी नहीं थे। अधिकारियों के न मिलने से ग्रामीणों में और नाराजगी फैल गई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने उनकी मांग नहीं मानी और समस्या का समाधान नहीं किया तो वे भूख हड़ताल करेंगे और बड़ा धरना प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक ग्रामीणों की सहमति के बिना चकबंदी का फैसला नहीं लिया जाएगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल तहसील प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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