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हिंदी दिवस पर एन.आर.ई.सी. महाविद्यालय में अभिनव कार्यशाला का आयोजन, हिंदी के व्यावहारिक एवं रोजगारपरक स्वरूप पर हुई चर्चा

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खुर्जा : 14 / सितम्बर / 2026 :   हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को एन.आर.ई.सी. महाविद्यालय, खुर्जा के हिंदी विभाग द्वारा एक दिवसीय अभिनव कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सुभाष पैन्यूली द्वारा मंगलाचरण के साथ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। कार्यशाला का उद्घाटन प्रो. गोविन्द सिंघल ने किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन नीरज कुमार सिंह द्वारा किया गया।

कार्यशाला में विभाग प्रभारी प्रो. कृष्णा शर्मा ने महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजीव कुमार सिंह सहित वरिष्ठ एवं कनिष्ठ शिक्षक साथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान हिंदी भाषा के बदलते स्वरूप, उसकी उपयोगिता और रोजगार के क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रो. गोविन्द सिंघल ने हिंदी के व्यावहारिक धरातल पर प्रकाश डालते हुए रोजगार से जुड़े विभिन्न आयामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज हिंदी केवल साहित्य और अभिव्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार और व्यावसायिक क्षेत्र में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। डिजिटल माध्यमों और विभिन्न कार्यक्षेत्रों में हिंदी के बढ़ते प्रयोग को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए हिंदी में रोजगार के नए अवसर सामने आ रहे हैं।

वहीं प्रो. आई.एम. खान ने हिंदी के तकनीकी एवं पारिभाषिक स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शास्त्रगत एवं विषयगत तकनीकी शब्दावली के सृजन की महती आवश्यकता है। बदलते दौर में हिंदी को तकनीकी और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के साथ जोड़कर आगे बढ़ाने की जरूरत है।

नीरज कुमार सिंह ने हिंदी भाषा और रोजगार के सृजन पर सारगर्भित विचार रखते हुए विद्यार्थियों को हिंदी के माध्यम से रोजगार के नए अवसरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और विद्यार्थियों को भाषा के व्यावहारिक प्रयोग के साथ-साथ अपने विषयगत ज्ञान को भी मजबूत करना चाहिए।

कार्यशाला के संरक्षक एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजीव कुमार सिंह ने हिंदी के विकास एवं व्यावहारिकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से दैनिक जीवन से लेकर विषयगत ज्ञान तक हिंदी भाषा के प्रयोग पर बल देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंदी को केवल एक विषय के रूप में नहीं, बल्कि व्यवहार और रोजगार से जोड़कर देखने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाली छात्राओं सोपिया एवं पूनम सिंह को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। पुरस्कार पाकर छात्राओं में उत्साह देखने को मिला।

कार्यशाला में प्रो. आई.एम. खान, प्रो. गोविन्द सिंघल, प्रो. भूपेन्द्र, प्रो. कृष्णा शर्मा, प्रो. शरद, प्रो. मिथिलेश, नीरज कुमार सिंह, सुभाष पैन्यूली, आतिश शर्मा, सब्बर मलिक, कार्यालय अधीक्षक विजय पांचाल, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
अंत में विभाग प्रभारी प्रो. कृष्णा शर्मा ने कार्यशाला में उपस्थित सभी सम्मानित साथियों एवं महाविद्यालय के प्राचार्य के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की।

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Author: krjnews

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