गाजियाबाद : 24 / अक्टूबर / 2026 : क्रॉसिंग रिपब्लिक स्थित रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला में राष्ट्रीय सैनिक संस्था की गाजियाबाद इकाई के सदस्यों को रामलीला के पात्रों को आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित किया गया। कला संगम समिति की ओर से राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वीर चक्र प्राप्त कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कला संगम समिति के दीक्षित सिंघल, तरुण चौहान, नीरज मिश्रा, आशुतोष और बीपीएस भाटिया सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि क्रॉसिंग रिपब्लिक की रामलीला अन्य रामलीलाओं से अलग है। इसमें मुख्य रूप से क्रॉसिंग रिपब्लिक के निवासी, विशेषकर बच्चे, विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाते हैं।
मुख्य अतिथि कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने कहा कि रामलीला हमारे देश की आत्मा है। यह युवाओं को भारतीय संस्कृति और भगवान राम के आदर्शों से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51(क) में बताए गए 11 मूल कर्तव्यों का पालन चरित्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन रामलीला देखकर सहज रूप से जो संस्कार और चरित्र निर्माण होता है, वह अपने आप में विशेष है। रामलीला में समाज और परिवार के प्रत्येक रिश्ते के आदर्शों एवं कर्तव्यों का चित्रण किया जाता है।

कर्नल त्यागी ने उपस्थित लोगों को संकल्प दिलाया कि वे आपसी अभिवादन में ‘गुड मॉर्निंग’, ‘नमस्ते’, ‘आदाब’ और ‘सत श्री अकाल’ जैसे अभिवादनों के स्थान पर गर्व के साथ ‘जय हिंद’ का प्रयोग करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि ‘जय हिंद’ बोलने से कुछ क्षणों के लिए मन में देशप्रेम और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत होती है। बार-बार इस अभिवादन का प्रयोग राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने में सहायक हो सकता है।
इस अवसर पर गौरव सेनानी चंदन सिंह, गौरव सेनानी गणेश दत्त, गौरव सेनानी राजेंद्र त्रिपाठी, अनुरुद्ध त्यागी, मोनिका गोयल, पुष्कर बिष्ट, स्वाति बंसल, मोनिका कश्यप और कोमल कश्यप का स्वागत एवं सम्मान किया गया। साथ ही उनका परिचय रामलीला के कलाकारों से कराया गया। आयोजकों ने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की रामलीला में भागीदारी भारतीय प्राचीन संस्कृति और परंपराओं के पुनर्जागरण का संदेश देती है।
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Author: krjnews
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