नई दिल्ली में विख्यात कवि लक्ष्मी शंकर वाजपेयी की पुस्तक ‘कवि के मन से’ का लोकार्पण

नई दिल्ली : 1 / मई / 2026 :  राजधानी के साहित्य अकादमी सभागार में 30 अप्रैल 2026 को विख्यात कवि लक्ष्मी शंकर वाजपेयी के कविता संग्रह ‘कवि के मन से’ का भव्य लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार ममता कालिया ने की, जबकि मंच पर देश के कई दिग्गज रचनाकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर बालस्वरूप राही, प्रताप सहगल, ओम निश्चल, संजीव कुमार और रहमान मुसव्विर जैसे प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किए।

डॉ. ओम निश्चल ने संग्रह को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वाजपेयी जी एक समर्पित और समर्थ रचनाकार हैं। वहीं प्रताप सहगल ने छंदमुक्त और छंदबद्ध कविता के बीच बढ़ते अंतर पर चिंता जताते हुए कहा कि इस संग्रह ने दोनों विधाओं के संतुलन को सार्थक रूप से प्रस्तुत किया है। डॉ. संजीव कुमार ने आशा जताई कि इस संग्रह की कविताएं समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाएंगी।

वरिष्ठ गीतकार बालस्वरूप राही ने कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ को देखकर कहा कि कविता के पाठकों के कम होने की बात महज भ्रम है। उन्होंने वाजपेयी की चर्चित ग़ज़ल का पाठ भी किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।

ममता कालिया ने कार्यक्रम को “बंपर कार्यक्रम” बताते हुए वाजपेयी को कविता का “अमिताभ बच्चन” कहा, जिस पर पूरा सभागार तालियों और हंसी से गूंज उठा। उन्होंने संग्रह की कविता “खंडित प्रतिमाएं” का विशेष उल्लेख किया।

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. रहमान मुसव्विर ने किया। ‘किआन फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित इस समारोह में इंदु निगम, नरेश शांडिल्य, रेणु हुसैन, राजेंद्र निगम और डॉ. विभा नायक सहित कई रचनाकारों ने कविताओं का पाठ किया।

अंत में धन्यवाद ज्ञापन ममता किरण और लक्ष्मी शंकर वाजपेयी ने किया। वाजपेयी ने कहा कि समाज को सही दिशा देने की जिम्मेदारी रचनाकारों और संस्थाओं की है।
इस काव्य संग्रह का प्रकाशन इंडिया नेट बुक्स द्वारा किया गया है। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, कवि, कथाकार और मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

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Author: krjnews

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