बस्ती/ ०१ जून २०२६। हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रेस क्लब बस्ती द्वारा अध्यक्ष विनोद कुमार उपाध्याय के संयोजन में हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर एक भव्य विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिन्दी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास, उसके बदलते स्वरूप तथा वर्तमान समय में पत्रकारों की भूमिका पर गंभीर चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं प्रेस क्लब के फाउंडर मेंबर (उपज प्रदेश सचिव) वरिष्ठ पत्रकार जयंत कुमार मिश्र को प्रेस क्लब की ओर से 11 हजार रुपये का चेक, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार जयंत कुमार मिश्र ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता ने देश की स्वतंत्रता, सामाजिक जागरूकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का संप्रेषण नहीं बल्कि समाज को सही दिशा देने का माध्यम है। वर्तमान दौर में तकनीक और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि निष्पक्षता, सत्यता और जनहित पत्रकारिता की आत्मा हैं, जिन्हें हर हाल में बनाए रखना होगा।
विचार गोष्ठी में वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. त्रिभुवन प्रसाद मिश्र ने हिन्दी पत्रकारिता के दो सौ वर्षों की यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि हिन्दी पत्रकारिता ने समय-समय पर समाज में व्याप्त कुरीतियों, भ्रष्टाचार और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ पत्रकारिता के स्वरूप में परिवर्तन अवश्य आया है, लेकिन उसका मूल उद्देश्य जनसरोकारों को उठाना ही होना चाहिए। उन्होंने युवा पत्रकारों से अध्ययनशील और जिम्मेदार बनने का आह्वान किया।
प्रख्यात साहित्यकार एवं चिंतक डॉ. राम कृष्ण लाल ‘जगमग’ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिन्दी पत्रकारिता और साहित्य का संबंध सदैव से गहरा रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज का दर्पण होती है और पत्रकार लोकतंत्र के प्रहरी होते हैं। यदि पत्रकार निष्पक्षता और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने पत्रकारिता में भाषा की शुद्धता और संवेदनशीलता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप चन्द्र पांडेय ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता ने दो शताब्दियों की अपनी यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता सदैव बनी रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाचारों की गति तो बढ़ी है, लेकिन पत्रकारों के सामने तथ्यों की सत्यता और विश्वसनीयता बनाए रखने की बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करना और सकारात्मक बदलाव की दिशा में कार्य करना भी है। उन्होंने युवा पत्रकारों से नैतिक मूल्यों, निष्पक्षता और सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए पत्रकारिता करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रेस क्लब अध्यक्ष विनोद कुमार उपाध्याय ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं बल्कि आत्ममंथन का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को बदलते परिवेश में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सत्य और जनहित की राह पर चलना ही पत्रकारिता की वास्तविक पहचान है। उन्होंने प्रेस क्लब द्वारा पत्रकारों के हितों एवं उनके सम्मान के लिए निरंतर कार्य किए जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों के अनुभवों को भी साझा किया गया।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अंकुर वर्मा, जिले के अनेक पत्रकार, साहित्यकार, समाजसेवी तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हिन्दी पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
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