श्री धनी गिरी मंदिर से निकली शोभायात्रा में उमड़ा आस्था का जन सैलाब, जगह-जगह हुआ पुष्पवर्षा व जल सेवा से स्वागत

खुर्जा : 22 / सितम्बर / 2026 : परिवर्तनी एकादशी के पावन अवसर पर आज दिनांक 22 दिसंबर 2026 को श्री धनी गिरी मंदिर, खटीक पाड़ा, खुर्जा से भगवान श्री कृष्ण का भव्य डोला श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में निकाला। डोला प्रारंभ होने से पूर्व विधि विधान से पूजा अर्चना की गई तथा नारियल फोड़कर खुर्जा विधायक मीनाक्षी सिंह जी ने मेले का विधिवत उद्घाटन किया।
इस अवसर पर खुर्जा समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के जिला अध्यक्ष डीसी गुप्ता कांटे वाले उपस्थित रहे।
डोला शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्री गणेश, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम, श्री बांके बिहारी जी लाल एवं वामन भगवान के दर्शन किए और स्वयं को धन्य माना।
शोभायात्रा के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर भव्य तोरण द्वार बनाए गए। समाजसेवी संस्थाओं एवं संगठनों द्वारा जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए, जहां श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया तथा जल तथा प्रसाद आदि का वितरण किया गया।

शोभायात्रा में श्री गणेश जी, भगवान श्रीराम एवं श्री बांके बिहारी जी की मनोहारी झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। नारद जी की झांकी, ढोल-नगाड़े एवं कीर्तन मंडलियों ने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। चारों ओर “जय श्रीराम”, “श्री बांके बिहारी लाल की जय” तथा “वामन भगवान की जय” के जयघोष गूंजते रहे।
इस अवसर पर डीसी गुप्ता कांटे वाले, मीडिया प्रभारी ने बताया कि पुरातन धार्मिक परंपरा के अनुसार श्री रामलीला कमेटी खुर्जा द्वारा श्री रामलीला मंचन से पूर्व भगवान श्रीराम के आगमन की इस परंपरा का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि परिवर्तनी एकादशी पर भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु जी ने करवट बदली थी, इसी कारण इसे परिवर्तनी एकादशी कहा जाता है।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालु इस अवसर को प्रभु श्रीराम के आगमन उत्सव के रूप में भी श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाते हैं। यह पुरातन परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसी क्रम में प्रतिवर्ष श्री धनी गिरी मंदिर से भगवान श्री नारायण का डोला निकाला जाता है।
इस अवसर पर विकास वर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार रावण के अत्याचारों से दुखी होकर माता पृथ्वी ने सुरभि रूप धारण कर भगवान श्री नारायण से प्रार्थना की थी। तब भगवान श्री नारायण ने आश्वासन दिया कि वे शीघ्र ही महाराजा दशरथ के यहां पुत्र रूप में श्रीराम के रूप में अवतरित होंगे। इसी मान्यता के चलते श्रद्धालु इस दिवस को भगवान श्रीराम के आगमन उत्सव के रूप में भी मनाते हैं।

श्री धनी गिरी मंदिर धर्मार्थ ट्रस्ट, खुर्जा के अध्यक्ष पंडित कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि सच्चे भाव एवं श्रद्धा से भगवान का स्तवन करने से जीवनधारा में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान के डोले की चार परिक्रमा करने से संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।
इस दौरान असंख्य श्रद्धालुओं ने भगवान श्री नारायण के डोले की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और अपने जीवन में सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की। इस अवसर पर, पंडित कैलाश चंद्र शर्मा जी, प्रमोद भारद्वाज “गुरुजी”, हितेंद्र कुमार वर्मा जी, विशाल पोद्दार जी, शेखर वर्मा जी,आशीष गुप्ता जी,मनीष गुप्ता, यश गुप्ता, सरिता गुप्ता, ममता अग्रवाल,
विशेष गर्ग,हैप्पी वर्मा ,बंटी वर्मा ,सोनू वर्मा ,डीसी गुप्ता जी कांटे वाले मीडिया प्रभारी, विकास वर्मा जी,विकास सोनी जी,चिराग वर्मा जी, विवेक गुप्ता मेंबर, नरेश कुमार गोस्वामी मेंबर, अभिषेक गोस्वामी मेंबर, हरीश गुप्ता न्यू अंबे, आशीष गोयल, मनोज अग्रवाल, ऋषभ पंडित, पवन गुप्ता, शिवम गुप्ता , खजान बाबा आदि का विशेष सहयोग रहा।

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Author: krjnews
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