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बागला अस्पताल में डीएम का औचक निरीक्षण, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के निर्देश

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हाथरस  : 28 / सितम्बर / 2026 :  जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने सोमवार को प्रातः 8:30 बजे बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचकर अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्थाओं, चिकित्सकों की उपस्थिति, साफ-सफाई एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का औचक निरीक्षण किया।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सैनिक कल्याण निगम के माध्यम से तैनात सुरक्षाकर्मियों से उनकी ड्यूटी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद पर्चा काउंटर का निरीक्षण करते हुए प्रतिदिन बनाए जाने वाले पर्चों की संख्या के बारे में जानकारी प्राप्त की। कर्मचारियों ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 1100 से 1200 पर्चे बनाए जाते हैं।

जिलाधिकारी ने पूछा कि क्या मरीज घर बैठे ऑनलाइन पर्चा बनवा सकते हैं अथवा चिकित्सक से अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि आभा आईडी जनरेट करने के बाद ऑनलाइन पर्चे के लिए आवेदन किया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने मरीजों की सुविधा के लिए घर बैठे ऑनलाइन पर्चा आवेदन की व्यवस्था प्रभावी रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को अस्पताल में लंबी कतारों में लगने से राहत मिल सके।

इसके बाद जिलाधिकारी ने बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष, दंत विभाग, वरिष्ठ परामर्शदाता कक्ष, हड्डी रोग विशेषज्ञ कक्ष, जनरल फिजिशियन कक्ष, आयुष्मान भारत कक्ष, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी एवं सिटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला अस्पताल की सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट एवं जनरल वार्ड का भी जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने चिकित्सकों से प्रतिदिन ओपीडी में देखे जाने वाले मरीजों की संख्या की जानकारी ली तथा ओपीडी पंजिका का अवलोकन किया। उन्होंने अल्ट्रासाउंड जांच की लंबित पेंडेंसी को शीघ्र समाप्त करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने चिकित्सकों को ई-सुश्रुत प्रक्रिया को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से मरीजों के ऑनलाइन पंजीकरण, अपॉइंटमेंट एवं मेडिकल रिपोर्ट की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जा सकेगी और उसे तत्काल देखा जा सकेगा। इससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की प्रक्रिया अधिक सुगम एवं पारदर्शी होगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती एवं उपचार के लिए आए मरीजों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं चिकित्सकीय व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से अस्पताल में किसी प्रकार की परेशानी होने के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

आयुष्मान भारत कक्ष के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नई पात्रता के आधार पर पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के लिए सूची तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व में सूची में दर्ज ऐसे पात्र व्यक्तियों, जिनके आयुष्मान कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उनके कार्ड तत्काल बनवाने को कहा, ताकि पात्र लाभार्थियों को उपचार का लाभ लेने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा वॉशरूम सहित सभी स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पुरुष एवं महिला चिकित्सालय सहित संबंधित चिकित्सक एवं अधिकारी मौजूद रहे।

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Author: krjnews

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