गाजियाबाद : 9 / अक्टूबर / 2026 : क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम थाना पुलिस ने फर्जी बीमा पॉलिसी तथा गूगल विज्ञापनों के माध्यम से लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण और प्रीमियम पर छूट देने का झांसा देकर लोगों से 40 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है। मामले में दीपक खन्ना उर्फ डीजे की तलाश की जा रही है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बीमा पॉलिसी का नवीनीकरण कराने, प्रीमियम पर छूट दिलाने और बेहतर शर्तों पर पॉलिसी उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
इसके लिए गिरोह गूगल विज्ञापनों का इस्तेमाल करता था, ताकि बीमा पॉलिसी से संबंधित जानकारी खोजने वाले लोग उनके संपर्क में आ सकें। विज्ञापनों के माध्यम से संपर्क स्थापित करने के बाद आरोपी खुद को बीमा संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्रतिनिधि बताकर पीड़ितों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद पॉलिसी के नवीनीकरण या प्रीमियम जमा कराने के नाम पर उनसे रकम अपने बताए गए बैंक खातों में स्थानांतरित करा लेते थे।
पुलिस के मुताबिक, रकम प्राप्त करने के बाद आरोपी पीड़ितों को ई-मेल के जरिए फर्जी बीमा प्रमाणपत्र भेज देते थे। इससे लोगों को शुरुआत में लेनदेन के वास्तविक उद्देश्य पर संदेह नहीं होता था और ठगी का पता चलने में देरी होती थी।
आरोपी कथित तौर पर इसी तरीके से लोगों को विश्वास में लेकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने कितने लोगों को निशाना बनाया और ठगी की रकम किन-किन बैंक खातों में स्थानांतरित की गई।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, दो एटीएम एवं डेबिट कार्ड, दो चेकबुक, एक पासबुक और तीन हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस बरामद मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।
साथ ही, आरोपियों के बैंक खातों से संबंधित लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है, जिससे ठगी की रकम के हस्तांतरण और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल फोन, बैंक खातों और संदिग्ध लेनदेन की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गूगल विज्ञापनों के संचालन, पीड़ितों से संपर्क स्थापित करने, रकम प्राप्त करने और फर्जी बीमा प्रमाणपत्र भेजने में कौन-कौन लोग शामिल थे।
मामले में दीपक खन्ना उर्फ डीजे की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बीमा पॉलिसी का नवीनीकरण कराने या प्रीमियम जमा करने से पहले संबंधित बीमा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट अथवा अधिकृत ग्राहक सेवा केंद्र से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।
केवल इंटरनेट पर दिखाई देने वाले विज्ञापनों, फोन कॉल या संदेशों के आधार पर किसी व्यक्ति अथवा संस्था पर भरोसा करके रकम हस्तांतरित न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में संबंधित बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन को तत्काल सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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Author: krjnews
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