मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स दक्षता और आर्थिक प्रभाव के लिए चार परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया
नई दिल्ली : इस अवसर पर कुल चार परियोजनाओं – रेल मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित तीन ब्राउनफील्ड रेलवे परियोजनाएं और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित एक ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं का मूल्यांकन पीएम गतिशक्ति के एकीकृत नियोजन, अंतिम-छोर तक कनेक्टिविटी तथा अंतर-मॉडल समन्वय के मुख्य उद्देश्यों के साथ उनके संरेखण के लिए किया गया था। एक बार परियोजनाओं के लागू होने के बाद से यात्रा के समय में कमी आने, रसद दक्षता को बढ़ावा देने और क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक लाभ उत्पन्न होने की आशा है। रेलवे और सड़क परिवहन क्षेत्रों में प्रमुख बुनियादी ढांचा प्रस्तावों की समीक्षा के लिए आज नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) की 96वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस एनएमपी) के सिद्धांतों के अनुरूप मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी बढ़ाने और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया !

रेल मंत्रालय (एमओआर)
- आसनगांव-कसारा चौथी लाइन
रेल मंत्रालय ने मध्य रेलवे के माध्यम से महाराष्ट्र के ठाणे जिले में आसनगांव और कसारा के बीच लगभग 34.97 किलोमीटर लंबी चौथी रेलवे लाइन के निर्माण का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना का उद्देश्य रेल क्षमता को बढ़ाना और मौजूदा कॉरिडोर पर भीड़भाड़ कम करना है, जो यात्री तथा माल ढुलाई दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। इस मार्ग में दो बड़े पुल, 129 छोटे पुल, एक रोड ओवरब्रिज (आरओबी) और छह रोड अंडरब्रिज (आरयूबी) शामिल हैं।
- बख्तियारपुर से तिलैया के बीच दोहरीकरण
इस परियोजना में बिहार के पटना, नालंदा, गया और नवादा जिलों से होकर गुजरने वाली करनौती से राजगीर होते हुए तिलैया तक 103.528 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन का दोहरीकरण शामिल है। यह संरेखण बख्तियारपुर, हरनौत, बिहार शरीफ, राजगीर और हिसुआ जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरता है। यह कॉरिडोर एसजेवीएन चौसा पावर प्लांट और अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट को माल ढुलाई का समर्थन करता है। यह वर्तमान में 28.33 एमटीपीए संभालता है
- दिल्ली और अंबाला के बीच तीसरी तथा चौथी लाइन
प्रस्ताव में दिल्ली और अंबाला के बीच तीसरी तथा चौथी ब्रॉड-गेज लाइन का निर्माण शामिल है, जिसकी कुल लंबाई 193.60 किलोमीटर होगी। यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और हरियाणा में सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला से होकर गुजरेगी। 33 स्टेशनों वाले इस मार्ग में 79 आरयूबी और दो आरओबी शामिल हैं। यह गलियारा प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच-44, एनएच-9, एनएच-48, एनएच-344जीएम, एनएच-152) से जुड़ता है और चंडीगढ़, लुधियाना और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों तक पहुंच को बेहतर बनाता है।

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