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केवल जाति के आधार पर SC-ST एक्ट लागू नहीं , अपराध के पीछे की मंशा देखना जरूरी

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6 / दिसंबर /2025 :  राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि केवल जाति के आधार पर SC-ST एक्ट लागू नहीं होता। कोर्ट ने कहा कि अपराध के पीछे की मंशा देखना जरूरी है, और यह साबित करना होगा कि अपराध जातिगत विद्वेष के कारण किया गया है। इस मामले में, तीन भाइयों पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने एक दलित व्यक्ति की जमीन पर अतिक्रमण किया और मारपीट की। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि विवाद केवल रास्ते के अधिकार को लेकर था, न कि जातिगत भावना से प्रेरित। हाईकोर्ट ने कहा कि SC-ST एक्ट की धारा 3(2)(v) लागू करने के लिए दो शर्तें अनिवार्य हैं। अपराध IPC के तहत 10 साल या उससे अधिक की सजा वाला हो, अपराध जातिगत विद्वेष के कारण किया गया हो। इस मामले में, अतिक्रमण की धारा 447 में अधिकतम सजा केवल 3 महीने है, जो SC-ST एक्ट के दायरे में नहीं आती। इसलिए, कोर्ट ने तीन भाइयों को SC-ST एक्ट के आरोपों से बरी कर दिया।

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Author: krjnews

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