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दिल्ली कूच से पहले बड़ा एक्शन , यूजीसी आंदोलन से जुड़े नेता पंडित साधु तिवारी नोएडा में हाउस अरेस्ट, सवर्ण संगठनों में रोष

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गौतम बुद्ध नगर / नोएडा : 9 / मार्च / 2026 : यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में चल रहे विरोध के बीच सवर्ण समाज से जुड़े नेताओं पर प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय सवर्ण संघ के राष्ट्रीय महासचिव राधेश्याम तिवारी उर्फ पंडित साधु तिवारी को नोएडा में थाना बिसरख पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है।

 

बताया जा रहा है कि पंडित साधु तिवारी दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचकर यूजीसी से जुड़े आंदोलन को बड़ा रूप देने की तैयारी में थे। इसी को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें दिल्ली कूच करने से पहले ही रोक दिया और एहतियातन हाउस अरेस्ट कर लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार राधेश्याम तिवारी मिर्जापुर से आने के बाद नोएडा पहुंचे थे, जहां थाना बिसरख पुलिस की टीम ने उन्हें उनके निवास स्थान पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया। इस कार्रवाई के बाद उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सवर्ण समाज की आवाज को दबाने के लिए सरकार नए-नए तरीके अपना रही है।

राधेश्याम तिवारी उर्फ पंडित साधु तिवारी, जो भारतीय सवर्ण संघ के राष्ट्रीय महासचिव होने के साथ-साथ मैना फाउंडेशन के प्रबंधक और पूर्वांचल विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि यूजीसी से जुड़े फैसले केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं हैं बल्कि इसका व्यापक प्रभाव समाज के अन्य वर्गों और सामाजिक व्यवस्था पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सीधे युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सवर्ण समाज और युवाओं की समस्याओं को अनदेखा किया गया तो सरकार को इसका सामाजिक और राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि यूजीसी से संबंधित जिस निर्णय को वे “काला कानून” मानते हैं, उसे सरकार को तत्काल वापस लेना चाहिए।

पंडित साधु तिवारी ने यह भी कहा कि वे सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का सम्मान करते हैं, लेकिन सरकार पर आरोप लगाया कि वह समाज में जातीय विभाजन को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। उनका कहना था कि किसी भी प्रकार का ऐसा कानून नहीं लाया जाना चाहिए जिससे समाज में जातिवाद की खाई और गहरी हो। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि इस विषय पर भी सरकार को सभी वर्गों को साथ लेकर संतुलित और न्यायपूर्ण निर्णय लेना चाहिए, ताकि समाज में समानता और न्याय की भावना बनी रहे। साधु तिवारी ने कहा कि जनता ने ही सरकार को सत्ता में बैठाया है और सत्ता में बैठे लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि उन्हें जनता की आवाज और भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सवर्ण समाज से जुड़े कई संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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Author: krjnews

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