जहांगीराबाद चीनी मिल का एथेनॉल प्लांट दो साल से बंद, पुनः संचालन की उम्मीद जगी

जहांगीराबाद : 14 / जून / 2026 :  उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ लिमिटेड की जहांगीराबाद चीनी मिल स्थित आसवनी (डिस्टिलरी) इकाई पिछले करीब दो वर्षों से बंद पड़ी है। करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित एथेनॉल उत्पादन परियोजना के ठप होने से मिल की अतिरिक्त आय प्रभावित हुई है, वहीं किसानों को मिलने वाले संभावित लाभ भी रुक गए हैं। अब शासन और विभागीय स्तर पर इसके पुनः संचालन की संभावनाओं पर मंथन किया जा रहा है।

मिल सूत्रों के अनुसार आसवनी इकाई की स्थापना वर्ष 2014-15 में की गई थी। वर्ष 2017 में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) व्यवस्था के अभाव में उत्पादन प्रभावित हुआ था। इसके बाद तत्कालीन प्रदेश सरकार ने पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से लगभग 28.30 करोड़ रुपये की लागत से बायोकम्पोस्ट आधारित जेडएलडी संयंत्र स्थापित कराया। तत्कालीन गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने इसका उद्घाटन किया था।

जेडएलडी संयंत्र स्थापित होने के बाद आसवनी इकाई में एथेनॉल उत्पादन शुरू हुआ और इसकी क्षमता प्रतिदिन 20 हजार लीटर निर्धारित की गई। शुरुआती दौर में निजी कंपनियों के माध्यम से संचालन हुआ, लेकिन बी-हैवी शीरे से एथेनॉल उत्पादन की बढ़ती लागत, बाजार मूल्य में अपेक्षित लाभ न मिलना और बढ़ते संचालन खर्च के कारण परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर पड़ती गई। कोरोना काल के बाद हालात और बिगड़ गए तथा अंततः उत्पादन बंद करना पड़ा।

आसवनी इकाई बंद होने से चीनी मिल की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत समाप्त हो गया। वहीं क्षेत्र के किसानों को भी एथेनॉल नीति से मिलने वाले संभावित लाभों का पूरा फायदा नहीं मिल सका। पिछले दो वर्षों से बंद पड़ी इस इकाई को फिर से शुरू करने के लिए राष्ट्रीय सहकारी क्षेत्र के विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों द्वारा व्यवहार्यता का अध्ययन किया जा रहा है।
चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक हिमांशु गुप्ता ने बताया कि आसवनी इकाई के पुनः संचालन से जुड़े आर्थिक, तकनीकी और संचालन संबंधी विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन चल रहा है। अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा।

एथेनॉल प्लांट के दोबारा शुरू होने की संभावना से किसानों और कर्मचारियों में उम्मीद जगी है। उनका मानना है कि इकाई के पुनः चालू होने से मिल की आय बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की गन्ना आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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Author: krjnews

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